CG : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में जशपुर में सिंचाई सुविधाओं का विस्तार, किसानों को मिलेगी बड़ी सौगात    |    नेपाल-तिब्बत सीमा की बाढ़ में भाजपा नेता की बेटी समेत छत्तीसगढ़ की तीन महिलाएं लापता    |    बहनों का स्नेह और आशीर्वाद मेरे लिए अनमोल : मुख्यमंत्री साय    |    लोकतंत्र सेनानियों का त्याग नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा है : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय    |    BREAKING : बंगाल का नया CM- शुभेंदु अधिकारी होंगे प. बंगाल के नए सीएम- अमित शाह ने किया सीएम का एलान    |    BREAKING NEWS : देखिए लाल किले के पास हुए बम धमाके की खौफनाक तस्वीरें, 8 लोगों की मौत    |    Breaking : 1 नवंबर को सभी स्कूल – कॉलेजों में रहेगी छुट्टी, आदेश जारी    |    BIG BREAKING : सी.पी. राधाकृष्णन होंगे भारत के नए उपराष्ट्रपति    |    साय कैबिनेट की बैठक खत्म, लिए गए कई अहम निर्णय    |    CG Accident : अनियंत्रित होकर पेड़ से टकराई तेज रफ्तार कार, युवक-युवती की मौके पर ही मौत, 3 की हालत गंभीर    |

CG VIDHANSABHA : बोध घाट परियोजना पर गरमाया सदन, मंत्री और पूर्व मंत्री के बीच हुई तीखी बहस

CG VIDHANSABHA : बोध घाट परियोजना पर गरमाया सदन, मंत्री और पूर्व मंत्री के बीच हुई तीखी बहस
Share

 रायपुर।  CG VIDHANSABHA : छत्तीसगढ़ विधानसभा में सोमवार को बोधघाट परियोजना पर जल संसाधन मंत्री रविंद्र चौबे और पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल के बीच जोरदार बहस हुई। विपक्षी सदस्य बृजमोहन अग्रवाल ने आरोप लगाया कि ब्लैक लिस्टेड कंपनी Wapcos को फायदा पहुंचाने के लिए 41 करोड़ का काम दिया गया। जिस पर मंत्री ने कहा स्वीकार किया कि डीपीआर पूरा नहीं हुआ है।

दरअसल, बृजमोहन ने कहा कि सीएम भूपेश बघेल और जल संसाधन मंत्री चौबे ने सदन में कहा था कि इसी कार्यकाल में बोधघाट प्रोजेक्ट को पूरा करेंगे, जबकि अभी डीपीआर भी तैयार नहीं हुआ है। प्रश्नकाल के दौरान बृजमोहन ने बोधघाट परियोजना का मुद्दा उठाया। उन्होंने पूछा कि क्या बोधघाट परियोजना का काम प्रारंभ होने वाला है। यदि हां, तो कब से

इस पर मंत्री ने बताया कि वर्तमान में बोधघाट बहुद्देश्यीय वृहद परियोजना का सर्वेक्षण और अनुसंधान कार्य प्रंगति पर है। अत: निर्माण कार्य प्रारंभ करने की तिथि अभी बता पाना संभव नहीं है।

इस पर बृजमोहन ने पूछा कि बोधघाट परियोजना के सर्वेक्षण का कार्य किस एजेंसी को दिया गया है? क्या एजेंसी को पूर्व में भी विभाग ने सर्वेक्षण का कार्य दिया था? काम पूरा हुए बिना 12 करोड़ का पेमेंट भी किया जा चुका है, जबकि पर्यावरणीय स्वीकृति में यह स्पष्ट उल्लेख है कि वहां हाइड्रल प्रोजेक्ट लगाया जा सकता है, सिंचाई नहीं हो सकती

इस पर मंत्री चौबे का जवाब आया कि अभी भी विभाग का मानना है कि बोधघाट परियोजना से बीजापुर, दंतेवाड़ा और सुकमा में सिंचाई हो सकती है। मंत्री ने यह स्वीकार किया कि अभी डीपीआर का काम पूरा नहीं हुआ है। इसके लिए एजेंसी ने समय बढ़ाने की मांग की है।



Share

Leave a Reply