छगविस: जनघोषणा पत्र को लेकर सदन में घमासान, कौशिक ने सरकार पर लगाया वादाखिलाफी का आरोप
रायपुर। जनघोषणा पत्र 2018 के वादों को पूर्ण किये जाने का मामला सदन में उठा। नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक के साथ भाजपा के अन्य सदस्यों ने इसे जोर-शोर से उठाया। भूपेश बघेल ने जवाब में कहा कि केंद्र यदि अड़ंगा नहीं लगाए तो सभी वादों को हम पूरा कर लेते। हम अपने सभी वादों को पूरा करेंगे। सत्तापक्ष के जवाब से असंतुष्ट बीजेपी विधायकों ने वाकआउट किया।
नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने सवाल किया कि कितनी घोषणाएं पूरी हुई? इस पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बताया- छत्तीसगढ़ में 36 लक्ष्य निर्धारित करते हुए जनघोषणा पत्र जारी किया गया था। कुल 14 घोषणायें पूरी की है। कौशिक ने कहा कि इसी सदन में बताया गया था कि 25 वादें पूरे किये गए। पीसीसी अध्यक्ष ने अपने बयान में बताया था कि 15 वादे पूरे हुए। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा 13 वादे पूरे हुए। हक़ीक़त में कितने वादे पूरे हुए।
भूपेश बघेल ने कहा कि जनता की उम्मीदों के अनुरूप घोषणा पत्र बनाया था। 15 सालों के कुशासन से छत्तीसगढ़ की जनता को मुक्ति दिलाने के लिए हमने घोषणा पत्र तैयार किया। हम इसके अनुरूप चल रहे हैं।
52 लघु वनोपज खरीद रही सरकार
नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक और शिवरतन शर्मा ने कहा कि जवाब नहीं आ रहा। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल बोले कि आपने सवाल पूछा है। जवाब मुझे देना है। मैं किस तरह से जवाब दूं इसके लिए आप मुझे बाध्य नहीं कर सकते। सरकार बनने के बाद हमने दो घण्टों के भीतर कर्जमाफी किया। टाटा की जमीन आदिवासियों को वापस की। वन अधिकार पट्टों को जारी किया। 25 लाख हेक्टेयर से ज्यादा जमीन आदिवासियों को दी। 52 लघु वनोपज खरीद रहे हैं। बिजली बिल माफ किया है। जलकर माफ किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जन घोषणा पत्र के अनुरूप ही हम चल रहे है। केंद्र से मिलने वाले 18 हजार करोड़ जल्दी मिल जाएंगे तो बचे हुए वादों को भी हम जल्दी पूरा कर लेंगे।
पांच वादे भी नहीं गिना पा रहे
नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने कहा कि मुख्यमंत्री पूरे किये गये पांच वादे भी नहीं बता पा रहे हैं। 2500 रुपये समर्थन मूल्य पर धान खरीदी नहीं की गई, शराबबंदी का वादा पूरा नहीं किया। सदन में दोनों पक्षों के तीखी बहस के बीच मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि हमारी सरकार जनता के प्रति समर्पित है। हम उनसे किये गए वादों को पूरा करेंगे।
बेरोजगारों को कब दिया जाएगा भत्ता
बीजेपी विधायक शिवरतन शर्मा ने पूछा कि खाद्य सुरक्षा अधिकार के तहत प्रति परिवार एक किलो चावल देने और बेरोजगार युवाओं को ढाई हजार रुपये प्रति महीने देने का वादा कब पूरा होगा? भूपेश बघेल के जवाब पर शिवरतन शर्मा ने टिप्पणी की, इस पर उन्होंने कहा कि आप अधीर क्यों हो रहे हैं? शिवरतन शर्मा ने कहा कि आप सदन को गुमराह कर रहे हैं। इस पर सत्तापक्ष ने आपत्ति जताई। और सदन में भारी शोरगुल मच गया।
कृषि ऋण माफी अल्पकालीन या दीर्घकालीन
बीजेपी विधायक अजय चंद्राकर ने पूछा कि राज्यपाल के अभिभाषण में यदि घोषणा पत्र आ गया तो वह सरकारी दस्तावेज हो गया। मुख्यमंत्री बताए कि कृषि ऋण की माफी का जो जिक्र किया गया था क्या वह अल्पकालीन के लिए था या दीर्घकालीन। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि आप इनकी कलई खुल रही है। दो करोड़ बेरोजगारों को रोजगार देने की बात करने वाले ये कह रहे हैं। हम अपने वादों को लगातार पूरा कर रहे हैं। केंद्र यदि अड़ंगा नहीं लगाए तो सभी वादों को हम पूरा कर लेते। हम अपने सभी वादों को पूरा करेंगे।
बीजेपी के 15 सालों के अलावा कोई जवाब नहीं
नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने कहा कि मेरे प्रश्न का जवाब नहीं आया। बीजेपी के 15 सालों के अलावा इनके पास जवाब नहीं है। सरकार वादाख़िलाफ़ी कर रही है। घोषणा पत्र में लिखा है कि मंडी शुल्क समाप्त कर दिया जाएगा, लेकिन क्या ये पूरा हुआ?असत्य कहना सरकार का अधिकार हो गया है। भूपेश बघेल ने कहा कि केंद्र सरकार लगातार अडंगा लगा रही है। हमारे साथ भेदभाव हो रहा है। सत्तापक्ष के जवाब से बीजेपी विधायकों ने वाकआउट किया।




