छत्तीसगढ़ विधानसभा: ध्यानाकर्षण में बृजमोहन और शिवरतन ने उठाया कोरोना प्रबंधन पर अव्यवस्था का मामला
रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा में शीतकालीन सत्र के दौरान आज विपक्षी विधायक बृजमोहन अग्रवाल और शिवरतन शर्मा ने सदन में राज्य सरकार के कोरोना प्रबंधन व्यवस्था पर सदन का ध्यानाकृष्ठ किया। सदन में विधायकों ने कहा कि शासन एवं प्रशासन की लापरवाही के चलते पूरा प्रदेश कोरोना के प्रकोप से कराह रहा है।
छत्तीसगढ़ के मौत के मामलों ने बड़े-बड़े राज्यों को पीछे छोड़ दिया है। छत्तीसगढ़ में पहली मौत 29 मई को हुई थी, और आज यह आंकड़ा 31 सौ के पार पहुंच गया है। 23 नवंबर को मेडिकल कॉलेज चिकित्सालय अंबिकापुर में 42 वर्षीय संबलपुर निवासी सोमरकाम देवांगन कमर दर्द का इलाज कराने गया और कोविड-19 के वार्ड में भर्ती कर उसका इलाज किया गया। 4 घंटे के भीतर भोले-भाले ग्रामीण की मौत हो गई।
चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों की लापरवाही का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि मृतक की कोरोनावायरस की नीतियों से निपटने में इस कदर अमानवीय है। 10 दिसंबर की स्थिति में बिलासपुर के जिला अस्पताल के 50 से अधिक मरीजों के ऑपरेशन लिस्ट में है। इस अस्पताल के ऑपरेशन थिएटर के चारों ओर कोरोना केंद्र स्थापित कर दिए गए हैं।
इस बेतुके निर्णय से ऑपरेशन के आभाव में 10 से अधिक मरीजों की जान चली गई है। बाकि बचे मरीज अपना घर-द्वार और जेवर गिरवी रखकर निजी अस्पतालों में इलाज करवाने को बाध्य हुए हैं। नवंबर 2019 में राजनांदगांव के मेडिकल कॉलेज अस्पताल में ऑक्सीजन के आभाव में एक अधेड़ की मौत हो गई। दूरस्थ देवभोग के आदिवासी इलाकों में तो सरकार 10 दिसम्बर 2020 की स्थिति में 14 सौ से अधिक लोगों में कोरोना के लक्षण पाए जाने के बाद भी महज 50 लोगों की ही जांच कराई गई। कोविड सेंटरों में अव्यवस्था के चलते प्रदेश में वायरस से संक्रमित मरीजों की संख्या 2 लाख 50 हजार से अधिक पहुंच गई है। प्रतिदिन कोविड-19 के सेंटरों में कोई ना कोई आत्महत्या कर रहा है, राज्य सरकार के कोरोना महामारी के ईलाज के कुप्रबंधन के चलते पूरे राज्य की जनता में आक्रोश एवं रोष व्याप्त है।




