छत्तीसगढ़ विधानसभा: विपक्ष ने सदन में उठाया बारदाना खरीदी का मामला
रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के दौरान सोमवार को भाजपा सदस्यों ने बारदाना की खरीदी का मामला जोरशोर से उठाया। नेताप्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने आरोप लगाया कि सदन में एक ओर जहां मंत्री डा. प्रेमसाय सिंह टेकाम का उत्तर आता है कि केन्द्र सरकार द्वारा बारदाना उपलब्ध नहीं कराया जाता है, वहीं दूसरी ओर सत्ता पक्ष के लोग केन्द्र सरकार पर बारदाना उपलब्ध नहीं कराये जाने का आरोप लगाकर उसे बदनाम करने का प्रयास करते है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि हमने जूट कमिश्रर भारत सरकार से 3 लाख गठान बारदाना मांगा था पर कोविड-19 के कारण 01 लाख 45 हजार गठान बारदाना देने पर सहमति जतायी गई थी, लेकिन उसके बाद भी बारदाना भारत सरकार द्वारा भेजा नहीं गया।
प्रश्रकाल में आज नेताप्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने यह मामला उठाते हुए आदिम जाति विकास मंत्री डा. प्रेमसाय सिंह टेकाम द्वारा दिए उत्तर का हवाला देते हुए कहा कि मंत्री ने सदन में स्वीकार किया है कि केन्द्र सरकार के द्वारा बारदाना उपलब्ध नहीं कराया जाता है। उन्होंने कहा कि इस उत्तर के लिए मैं मंत्री को धन्यवाद देता हूं कि क्योंकि बारदाना को लेकर पूरी प्रदेश सरकार हाय तौबा मचा रहे थे। सदन से लेकर सड़क तक असत्य बोल कर केन्द्र सरकार को बदनाम करने ढिंढोरा पीट रहे थे। श्री कौशिक ने मंत्री से प्रश्र किया कि धान खरीदी के लिए सरकार को कितने गठान बारदाना की जरूरत थी और कितना आर्डर दिए तथा कितना प्राप्त हुआ।
इसका जवाब देते हुए मंत्री डा. टेकाम ने बताया कि साढ़े तीन लाख गठान बारदाना की जरूरत थी। जुलाई के मध्य में 1 लाख 45 हजार गठान बारदाना के लिए पैसा जमा किया। बाद में केंद्र सरकार ने 1 लाख 45 हजार गठान बारदाना की स्वीकृति दी थी लेकिन 1 लाख 9 हजार गठान बारदाना नहीं मिला।
नेताप्रतिपक्ष श्री कौशिक ने कहा कि सरकार ने करीब चार लाख गठान बारदाना गठान की जरूरत बताई लेकिन केंद्र को 1 लाख 45 हजार गठान बारदाना का ही आर्डर दिया गया क्यों। इसके जवाब में मंत्री टेकाम ने कहा कि केंद्र ने बारदाना देने की बारी आई तो जितना कहा था उसमें कटौती कर दी।
इस मामले में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि धान खरीदी के समय हर बार भारत सरकार जुट कमीश्रर से मीटिंग होती है। इस बार जो स्थिति निर्मित हुई वो कोविड-19 के तहत हुई है। उन्होंने कहा कि जिन राज्यो में धान का उत्पादन होता है उन सभी राज्यों में बारदाना की अलग-अलग समय पर आवश्यकता पड़ती है और जिसके अनुसार सप्लाई आदेश दिया जाता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने 3 लाख गठान बारदाना की मांग की गई थी, लेकिन सहमति 01 लाख 45 हजार पर बनी। लेकिन इसके बाद भी बारदाना आज तक पूरा बारदाना नहीं मिला, जिसके बाद हमारी सरकार ने अन्य सहयोग से बारदाना की खरीदी की। उन्होंने कहा कि जो भी परिस्थति बनी है कोविड-19 के कारण बनी है।
नेताप्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने कहा कि 70 हजार प्लास्टिक बारदाना का ऑर्डर सरकार ने किया था लेकिन इसकी पूरी सप्लाई अभी भी तीन जिले कोरबा, दुर्ग और मुंगेली में नहीं की गई है। इसका जवाब देते हुए मंत्री प्रेमसाय सिंह टेकाम ने कहा कि जिन जिलों में नहीं पहुंचा वहां बगल के जिलों से व्यवस्था की गई। उन्होंने यह भी बताया कि सप्लाई नहीं किया उन आपूर्ति कर्ताओं के भुगतान की 5 प्रतिशत राशि में कटौती और जहां विलंब से हुआ उनकी 10 प्रतिशत राशि रोकी गई है। इस पर नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि किसानों में बाजार से बारदाना 60-से 70 रुपये की दर पर खरीदा है क्या उस दर से किसानों को भुगतान किया जायेगा। इस पर मंत्री ने कहा कि तय दर 15 रुपये की दर से किसानों को भुगतान होगा। इस पर कौशिक ने कहा कि ये किसानों के साथ अन्याय है उनका शोषण है।
भाजपा विधायक शिवरतन शर्मा ने मंत्री से पूछा कि किसानों को बारदाना की कीमत 15 रुपये तय करने का आधार क्या है। भाजपा विधायक बृजमोहन अग्रवाल ने भी मंत्री से पूछा कि जूट कमिश्नर से क्या बारदाना खरीदी करने के लिए बाध्यता है। इसके जवाब में मंत्री टेकाम ने कहा कि केंद्र सरकार की गाइड लाइंस के तहत जूट कमिश्नर से ही बारदाना की खरीदी की जाती है।
भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने मंत्री से प्रश्र किया कि जेम पोर्टल से कितना बारदाना किस दर से खरीदा गया। इसके लिए भारत सरकार से क्या निर्देश थे। मंत्री डा. टेकाम ने कहा कि 37 हजार गठान बारदाना की खरीदी की गई। प्रति बोरा 20 रुपये 50 पैसे से लेकर 21 रुपये तक की खरीदी की गई।




