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छत्तीसगढ़: कोरोना की कम होती रफ्तार के बीच गांवों में मृत्यु के आंकड़े चौकाने वाले

 छत्तीसगढ़: कोरोना की कम होती रफ्तार के बीच गांवों में मृत्यु के आंकड़े चौकाने वाले
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रायपुर।  कोरोना की कम होती रफ्तार के बीच गांवों से आने वाली खबर चिंता बढ़ाने वाली है। दूर दराज की गांवों की तो दूर, राजधानी से सटे गांवों में भी हालात बेहद चिंताजनक है। यहां बीते दिनों दर्जनों लोगों की मौत हो चुकी है, लेकिन कोविड टेस्ट नहीं कराने के चलते इनका कोरोना डेथ रिकॉर्ड में कोई नाम नहीं मिलता। नवा रायपुर स्थित अंतरराष्ट्रीय क्रिटेट स्टेडिय से सटा ये परसदा गांव है। जहां कोरोना के हालात भयावह है। बीते एक महीने में ही यहां करीब 20 लोगों की मौत हो चुकी है। गांव वालों की मानें तो ये सारी मौत कहीं न कहीं कोरोना से हुई है, लेकिन इनका टेस्ट नहीं कराया था, इसलिए इनके नाम कोरोना से मौत के सरकारी रिकॉर्ड से भी गायब है। केवल रमेसरी निषाद की मौत कोरोना से होना माना गया है। अब तो हालात ये है कि किसी की मौत हो जाने पर लोग उसके अंतिम संस्कार में भी शामिल नहीं होते हैं। गांववालों की मानें तो रायपुर में लॉकडाउन लगने के समय से ही गांव में मौत का सिलसिला शुरू हो गया था। लेकिन संभावित सामाजिक बहिष्कार के डर से लोग कोविड टेस्ट कराने को तैयार नहीं हो रहे हैं। पिछले डेढ़ महीनों में केवल 39 लोगों ने अपनी जांच कराई है, जिसमें 3 पॉजिटिव पाए गए। वही लापरवाही कोरोना के टीका को लेकर भी है। यहां 18 साल से ऊपर की करीब 2100 की आबादी है, लेकिन टीका महज 350 लोगों को लगा है, वो भी 45 साल से ऊपर के लोगों को। 18 से 44 वर्ग के लोग टीका लेने को तैयार नहीं है। गांव के हालात विस्फोटक हैं, फिर भी यहां में हर दिन बाजार सजता है और शादी भी हो रहे हैं।


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