CG : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में जशपुर में सिंचाई सुविधाओं का विस्तार, किसानों को मिलेगी बड़ी सौगात    |    नेपाल-तिब्बत सीमा की बाढ़ में भाजपा नेता की बेटी समेत छत्तीसगढ़ की तीन महिलाएं लापता    |    बहनों का स्नेह और आशीर्वाद मेरे लिए अनमोल : मुख्यमंत्री साय    |    लोकतंत्र सेनानियों का त्याग नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा है : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय    |    BREAKING : बंगाल का नया CM- शुभेंदु अधिकारी होंगे प. बंगाल के नए सीएम- अमित शाह ने किया सीएम का एलान    |    BREAKING NEWS : देखिए लाल किले के पास हुए बम धमाके की खौफनाक तस्वीरें, 8 लोगों की मौत    |    Breaking : 1 नवंबर को सभी स्कूल – कॉलेजों में रहेगी छुट्टी, आदेश जारी    |    BIG BREAKING : सी.पी. राधाकृष्णन होंगे भारत के नए उपराष्ट्रपति    |    साय कैबिनेट की बैठक खत्म, लिए गए कई अहम निर्णय    |    CG Accident : अनियंत्रित होकर पेड़ से टकराई तेज रफ्तार कार, युवक-युवती की मौके पर ही मौत, 3 की हालत गंभीर    |

छत्तीसगढ़: गणेशोत्सव के लिए पूर्व में जारी दिशा-निर्देश में कलेक्टर ने किया आंशिक संशोधन

 छत्तीसगढ़: गणेशोत्सव के लिए पूर्व में जारी दिशा-निर्देश में कलेक्टर ने किया आंशिक संशोधन
Share

राजनांदगांव। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी तारन प्रकाश सिन्हा ने कोरोना संक्रमण के नियंत्रण एवं रोकथाम के लिए गणेशोत्सव के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए थे, जिसमें आंशिक संशोधन किया गया है। आदेश में कहा गया है कि मूर्ति की ऊंचाई एवं चौड़ाई 4 बाई 4 से अधिक नहीं होना चाहिए। मूर्ति स्थापना वाले पंडाल का आकार 15 बाई 15 फिट से अधिक न हो। 

पंडाल के सामने कम से कम 1000 वर्गफीट की खुली जगह होनी चाहिए। पंडाल एवं सामने खुली जगह में कोई भी सड़क अथवा गली का हिस्सा प्रभावित न हो। मंडप या पंडाल के सामने दर्शकों के बैठने के लिए पृथक से पंडाल न हो। दर्शकों एवं आयोजकों के बैठने के लिए कुर्सी नहीं लगाई जाएगी। किसी भी एक समय में मंडप एवं सामने मिलाकर 20 व्यक्ति से अधिक न हों।

 मूर्ति स्थापित करने वाले व्यक्ति अथवा समिति एक रजिस्टर संधारित करेगी, जिसमें दर्शन हेतु आने वाले सभी व्यक्तियों का नाम, पता, मोबाईल नंबर दर्ज किया जाएगा, ताकि उनमें से कोई भी व्यक्ति कोरोना संक्रमित होने पर कान्टेक्ट ट्रेसिंग किया जा सके। 

मूर्ति दर्शन अथवा पूजा में शामिल होने वाला कोई भी व्यक्ति बिना मास्क के नहीं जाएगा। ऐसा पाए जाने पर संबंधित एवं समिति के विरूद्ध वैधानिक कार्रवाई की जायेगी। मूर्ति स्थापित करने वाले व्यक्ति व समिति द्वारा सेनिटाईजर, हैण्डवाश की व्यवस्था की जायेगी। 

कोरोना से संबंधित कोई भी सामान्य व विशेष लक्षण पाए जाने पर पंडाल में प्रवेश नहीं दिये जाने की जिम्मेदारी समिति की होगी। कोरोना प्रोटोकाल का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए। व्यक्ति अथवा समिति द्वारा फिजिकल डिस्टेंसिंग, आगमन एवं प्रस्थान की पृथक से व्यवस्था बांस-बल्ली से बेरिकेटिंग कराकर किया जाएगा। 

कंटेनमेंट जोन में मूर्ति स्थापना की अनुमति नहीं होगी। यदि पूजा की अवधि के दौरान भी क्षेत्र कंटेनमेंट जोन घोषित हो जाता है, तो तत्काल पूजा समाप्त करनी होगी। मूर्ति स्थापना के दौरान, विसर्जन के समय अथवा विसर्जन के पश्चात् किसी भी प्रकार के भोजन, भण्डारा, जगराता अथवा सांस्कृतिक कार्यक्रम करने की अनुमति नहीं होगी। 

मूर्ति स्थापना के समय, स्थापना के दौरान, विसर्जन के समय, विसर्जन के पश्चात् किसी भी प्रकार के वाद्य यंत्र, ध्वनि विस्तारक यंत्र, डीजे बजाने की अनुमति संबंधित अनुविभागीय दण्डाधिकारी से लिया जाना आवश्यक होगा। मूर्ति स्थापना, विसर्जन के दौरान प्रसाद, चरणामृत या कोई भी खाद्य अथवा पेय पदार्थ वितरण की अनुमति नहीं होगी। 

मूर्ति विसर्जन के लिए एक से अधिक वाहन की अनुमति नहीं होगी। मूर्ति विसर्जन के लिए पीकअप, टाटा एस से बड़े वाहन का उपयोग प्रतिबंधित होगा। मूर्ति विसर्जन के वाहन में किसी भी प्रकार की अतिरिक्त साज-सज्जा, झांकी की अनुमति नहीं होगी। मूर्ति विसर्जन के लिए 10 से अधिक व्यक्ति नहीं जा सकेंगे एवं मूर्ति के वाहन में ही बैठेंगे। पृथक से वाहन ले जाने की अनुमति नहीं होगी। 

मूर्ति विसर्जन के लिए प्रयुक्त वाहन पंडाल से लेकर विसर्जन स्थल तक रास्ते में कहीं रोकने की अनुमति नहीं होगी। विसर्जन के लिए नगर निगम द्वारा निर्धारित रूटए मार्ग, तिथि एवं समय का पालन करना होगा। शहर के व्यस्त मार्गों से मूर्ति विसर्जन वाहन को ले जाने की अनुमति नहीं होगी। 

विसर्जन मार्ग में कहीं भी स्वागत, भण्डारा, प्रसाद वितरण पंडाल लगाने की अनुमति नहीं होगी। सूर्यास्त के पश्चात् एवं सूर्योदय के पहले मूर्ति विसर्जन के किसी भी प्रक्रिया की अनुमति नहीं होगी। उपरोक्त शर्र्तों के साथ घरों में मूर्ति स्थापित करने की अनुमति होगी, यदि घर से बाहर मूर्ति स्थापित किया जाता है, तो कम से कम 7 दिवस के पूर्व नगर पालिक निगम कार्यालय में आवेदन देना होगा एवं अनुमति प्राप्त होने के उपरान्त ही मूर्ति स्थापित करने की अनुमति होगी। 

इन सभी शर्तों के अतिरिक्त भारत सरकार, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय एवं राज्य शासन द्वारा समय-समय पर जारी निर्देश या एसओपी का पालन अनिवार्य रूप से करना होगा। निर्देश का उल्लंघन करने पर संबंधित के विरूद्ध एपिडेमिक डिसीज एक्ट एवं विधि अनुकूल नियमानुसार अन्य धाराओं के तहत् कठोर कार्रवाई की जाएगी


Share

Leave a Reply