छत्तीसगढ़ : युवक ने पेड़ में फांसी लगाकर की खुदकुशी
कोरबा। ढपढप गांव में एक युवक ने खुदकुशी कर ली। अहिरन नदी के किनारे उसका शव पेड़ पर लटका मिला। बांकीमोंगरा पुलिस ने ग्रामीण की सूचना पर 164 सीआरपीसी के तहत मर्ग कायम किया है।
जानकारी के अनुसार बांकीमोंगरा से 6 किलोमीटर दूर ढपढप गांव में यह घटना हुई। आज सुबह इसका पता चला। मृतक की पहचान 19 वर्षीय जयबंधु बिंझवार पिता सोहन सिंह बिंझवार के रूप में की गई है। ग्रामीण आदिवासी परिवार से वास्ता रखता था और सामान्य कामकाज से जुड़ा हुआ था। लॉकडाउन में शहर के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी सभी तरह की गतिविधियां थमी हुई है। ऐसे में लोगों का अधिकांश समय घरों पर बीत रहा है। अनेक मामलों में यह बात भी स्पष्ट नहीं हो पा रही है कि किसके सामने क्या समस्याएं हैं और इनसे उबरने के लिए लोग क्या कुछ कर रहे हैं। सूत्रों के अनुसार जयबंधु ने पिछली रात अपने परिवार के साथ भोजन किया गया और परिवार के लोग सो गए। आज सुबह परिजनों ने युवक को घर पर नहीं देखा तो वे चिंता पर पड़ गए। आनन-फानन में खोजबीन शुरू की गई। स्थानीय स्तर पर कुछ पता नहीं चला। आशंका के आधार पर नदी की तरफ रूख किया गया तो लोग यह देखकर चौंके कि पेड़ पर शव लटका हुआ है। उसकी पहचान जयबंधु के रूप में की गई। बांकीमोंगरा पुलिस को सूचना दिए जाने पर सब इंस्पेक्टर राजेश चंद्रवंशी घटना स्थल पर पहुंचे। उन्होंने यहां का मुआयना किया और शव को उतरवाया। खबर लिखे जाने तक इस बारे में सुसाइडल नोट या अन्य किसी कारण के संबंध में जानकारी नहीं मिल सकी थी। प्रकरण को फिलहाल संदिग्ध परिस्थितियों में मौत होना मानते हुए मर्ग कायम किया गया है। पंचनामा के साथ इसे पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। पुलिस ने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के आधार पर इस मामले में वस्तुस्थिति का खुलासा हो सकेगा।
जानकारों का कहना है कि व्यक्तिगत और पारिवारिक कारणों के साथ-साथ आजीविका संबंधी उलझनों के फेर में अक्सर लोग इस तरह के कदम उठा लेते हैं। किसी समस्या से लंबे समय से घिरे रहने और असफलता की स्थिति में लोगों की मनोदशा अप्रत्याशित रूप से बदल जाती है और वे अनिर्णय के शिकार हो जाते हैं। जब लोगों के पास कोई विकल्प नहीं होता तो वे ऐसा कदम उठा लेते हैं। जिसकी कल्पना उनके अपने नहीं कर पाते। बाद में उनके सामने पछताने के अलावा कोई विकल्प नहीं होता।
मनोविज्ञान के क्षेत्र में काम करने वाले विशेषज्ञ बताते हैं कि तमाम तरह की समस्याओं और झंझावतों से जूझने के बावजूद लोगों का सकारात्मक रहना जरूरी है। उन्हें सोचना होगा कि समस्याएं हर तरफ होती है और एक स्थिति ऐसी आती है जब व्यक्ति इनके लिए समाधान खोज लेता है। बेहतर सोचना और उस पर अमल करने से भी अच्छे परिणाम आ जाते हैं।




