CG : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में जशपुर में सिंचाई सुविधाओं का विस्तार, किसानों को मिलेगी बड़ी सौगात    |    नेपाल-तिब्बत सीमा की बाढ़ में भाजपा नेता की बेटी समेत छत्तीसगढ़ की तीन महिलाएं लापता    |    बहनों का स्नेह और आशीर्वाद मेरे लिए अनमोल : मुख्यमंत्री साय    |    लोकतंत्र सेनानियों का त्याग नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा है : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय    |    BREAKING : बंगाल का नया CM- शुभेंदु अधिकारी होंगे प. बंगाल के नए सीएम- अमित शाह ने किया सीएम का एलान    |    BREAKING NEWS : देखिए लाल किले के पास हुए बम धमाके की खौफनाक तस्वीरें, 8 लोगों की मौत    |    Breaking : 1 नवंबर को सभी स्कूल – कॉलेजों में रहेगी छुट्टी, आदेश जारी    |    BIG BREAKING : सी.पी. राधाकृष्णन होंगे भारत के नए उपराष्ट्रपति    |    साय कैबिनेट की बैठक खत्म, लिए गए कई अहम निर्णय    |    CG Accident : अनियंत्रित होकर पेड़ से टकराई तेज रफ्तार कार, युवक-युवती की मौके पर ही मौत, 3 की हालत गंभीर    |

मुख्यमंत्री ने पंडित नेहरू के जन्मदिन ‘बाल दिवस‘ की दी बधाई

मुख्यमंत्री ने पंडित नेहरू के जन्मदिन ‘बाल दिवस‘ की दी बधाई
Share

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने भारत के प्रथम प्रधानमंत्री भारत रत्न पंडित जवाहर लाल नेहरू के जन्मदिन 14 नवम्बर बाल दिवस पर सभी बच्चों सहित प्रदेशवासियों को बधाई दी है। बाल दिवस की पूर्व संध्या पर जारी अपने बधाई संदेश में उन्होंने कहा है कि पंडित नेहरू को बच्चे बहुत प्रिय थे। बच्चे भी उन्हें चाचा नेहरू कहते थे। इसी स्नेह और प्रेम के कारण पंडित नेहरू का जन्मदिन बाल दिवस के रूप में मनाया जाता है। श्री बघेल ने कहा कि बच्चे देश के भावी निर्माता होते हैं। बाल दिवस, बच्चों के रूप में राष्ट्र निर्माण की मजबूत नींव तैयार करने के लिए सार्थक पहल का दिन है। यह बच्चों के पोषण, शिक्षा, विकास और चरित्र निर्माण के लिए सोच-विचार करने और आवश्यक कदम उठाने का दिन है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने पंडित नेहरू के पदचिन्हों पर चलते हुए कई निर्णय लिये हैं। बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के लिए स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल शुरू किए गए हैं। इसी तर्ज पर हिन्दी मीडियम स्कूल भी बनाए जाएंगे। बच्चों में कुपोषण को दूर करने के लिए प्रदेश में मुख्यमंत्री सुपोषण योजना शुरू की गई है। इससे लगभग डेढ़ लाख बच्चे कुपोषण से मुक्त हो गए हैं। आंगनबाड़ियों में बच्चों की प्रारंभिक औपचारिक शिक्षा की व्यवस्था शुरू की गई है। छत्तीसगढ़ में कोरोना संक्रमण से माता-पिता को खोने वाले बच्चों की शिक्षा-दीक्षा के लिए महतारी दुलार योजना शुरू की गई है। दूसरी संतान बालिका होने पर उसके पालन-पोषण के लिए राज्य सरकार द्वारा कौशल्या मातृत्व योजना शुरू की जा रही है। श्री बघेल ने कहा है कि बच्चों का भविष्य सुंदर बनाना हम सब की जिम्मेदारी है। 



Share

Leave a Reply