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कृषि कानून वापसी के ऐलान पर सीएम बघेल ने दी प्रतिक्रिया कहा गांधीवादी आंदोलन ने दिखाई अपनी ताकत, हुई किसानो की जीत

कृषि कानून वापसी के ऐलान पर सीएम बघेल ने दी प्रतिक्रिया कहा गांधीवादी आंदोलन ने दिखाई अपनी ताकत, हुई किसानो की जीत
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रायपुर। कृषि कानून के वापसी के ऐलान के बाद मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि गांधीवादी आंदोलन ने एक बार फिर अपनी ताक़त दिखाई है। उन्होने किसानों को बधाई दी है।

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दरअसल मोदी सरकार द्वारा तीनो कृषि कानूनों को वापस लेने के फैसले के बाद राजनेताओ की प्रतिक्रिया आनी शुरू हो गई है। प्रधानमंत्री मोदी के कृषि बिल वापस लेने के एलान के बाद मुख्यमंत्री बघेल ने ट्वीट कर इसे किसानो की जीत बताया है। मुख्यमंत्री ने ट्वीट करते हुए लिखा- `गांधीवादी आंदोलन ने एक बार फिर अपनी ताक़त दिखाई है। केंद्र सरकार को तीन काले क़ानूनों को वापस लेने पर बाध्य करने के लिए देश के‌ किसानों को बधाई। यह किसानों की ही नहीं, अन्याय के खिलाफ लोकतंत्र की जीत है।`

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बता दे कि तीनो नए कृषि कानूनों का विरोध काफी लम्बे समय से हो रहा था। किसानों का कहना था कि इस नए क़ानून से कृषि के क्षेत्र में प्राइवेट सेक्टर का दखल बढ़ेगा। वही शुक्रवार की सुबह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने सम्बोधन मे कहा कि मैं देश वासियों के क्षमा मांगते हुए, सच्चे मन से कहना चाहता हूं कि हमारे प्रयास में कमी रही होगी कि हम उन्हें समझा नहीं पाए। हमारी सरकार किसानों के कल्याण के लिए देश के कृषि जगत के हित में, गांव, गरीब के हित में पूर्ण समर्थन भाव से, नेक नियत से ये कानून लेकर आई थी। लेकिन इतनी पवित्र बात पूर्ण रूप से किसानों के हित की बात हम कुछ किसानों को समझा नहीं पाए. शायद हमारी तपस्या में कमी रही। ले ही किसानों का एक वर्ग इसका विरोध कर रहा था। हमने बातचीत का प्रयास किया. ये मामला सुप्रीम कोर्ट में भी गया। पीएम मोदी ने कहा, हमने कृषि कानूनों को वापस ले रहे है।
 



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