कलेक्टर ने राजधानी रायपुर में बर्ड फ्लू रोग के नियंत्रण हेतु अधिकारीयों को दिए दिशा निर्देश, पढ़ें पूरी खबर
रायपुर | देश के अनेक राज्यों में पाए गए मृत पक्षियों में बर्ड फ्लू रोग की पुष्टि होने के बाद केन्द्र और राज्य शासन अर्लट हो गए है।
कलेक्टर डॉ एस.भारतीदासन ने रायपुर जिले के पशु चिकित्सा विभाग के सभी पशु चिकित्सालयों और विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों को रोग नियंत्रण के रोकथाम हर संभव प्रयास करने के निर्देश दिए है।
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संयुक्त संचालक पशु चिकित्सा सेवाएं रायपुर डॉ देवेन्द्र नेताम ने बताया कि बर्ड फ्लू रोग पक्षियों का संकामक और घातक रोग है। जिससे बैकयार्ड पोल्ट्री पालन और पोल्ट्री व्यवसायों को अत्यधिक हानि होती है। यह रोग मनुष्यों को भी संक्रमित करता है। शीत ऋतु में राज्य के सीमा पार से बर्ड फ्लू रोग के प्रवेश रोकने और पक्षियों में असामान्य बीमारी व मृत्यु रोकने के लिए सतर्क रहने की जरूरत है। उन्होनें इस दृष्टि से बर्ड फ्लू रोग के प्रवेश रोकने संबंधी पूरी तैयारी सुनिश्चित करने को कहा है।
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उन्होंने बताया कि प्रवासी पक्षियों बर्ड फ्लू के प्रसारण की दृष्टि से महत्वपूर्ण होते है। अत: जिले के प्रवासी पक्षी की सभी शरण स्थली असामान्य मृत्यु हेतु सतत् निगरानी करें साथ ही वन विभाग के द्वारा प्रवासी पक्षी शरण स्थली स्थानों की सूची कार्यालय को उपलब्ध करावें।
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उन्होंने जिले के सभी विकासखण्ड और क्षेत्राधिकारियों को निर्देशित है कि वे अपने क्षेत्र में कुक्कुट पक्षियों के असामान्य बीमारी और असामान्य मृत्यु के सबंध में सतत् सर्वेक्षण कर प्रतिवेदन व बीमार पक्षियों के शीरम नमुने जांच के लिए जिला रोग अन्वेषण प्रयोगशाला, रायपुर को भेजा जाना सुनिश्चित करें।
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जिले में बर्ड फ्लू रोकथाम के लिए जिला रोग प्रभारी रोग अन्वेषण प्रयोगशाला रायपुर को जिला नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाता है। उनका दूरभाष कमांक 75871-57066 है। उन्होंने इसी तरह वाईल्ड लाईफ सेंचुरी, नेशनल पार्क-जल स्त्रोत जहां प्रवासी पक्षियों की शरण स्थली है, का निरीक्षण भी करने को कहा है।




