मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की अध्यक्षता में कलेक्टर्स कांफ्रेंस शुरू, पढ़ें पूरी खबर
रायपुर | छत्तीसगढ़ कोरोना संक्रमण के खिलाफ जारी लड़ाई जरूर जीतेगा। हमेंं न थकना है और न ही निराश होना है। बल्कि हमें पूरी तत्परता से और मजबूती के साथ इस जंग को जीतना ही है।
उक्त बातें मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज कलेक्टर्स कान्फे्रंस को संबोधित करते हुए कही। मुख्यमंत्री श्री बघेल ने कहा कि अब तक कोरोना महामारी के दौरान सभी जिलों का कार्य प्रशंसनीय रहा है। रविवार, शनिवार सहित सभी त्यौहारों के दिन भी अधिकारी-कर्मचारियों अपने दायित्वों का निर्वाह करते रहे और मैदानी अमला भी लगातार काम करते आ रहा है, इसके लिए सभी अधिकारियों व कर्मचारियों को वे धन्यवाद देते हैं।

श्री बघेल ने कहा कि राज्य में कोरोना संक्रमण के आंकड़े बढ़े हैं, लेकिन उन्हें पूरा विश्वास है कि अब तक जैसे अधिकारियों व कर्मचारियों ने व चिकित्सकों ने पूरी जिम्मेदारी और गंभीरता से अपने दायित्वों का निर्वहन किया है आगे भी करते रहेंगे। उन्होंने दुर्ग, रायपुर, बिलासपुर रेज के आईजी की प्रशंसा करते हुए कहा कि अधिकारियों ने राहगीरों व गरीबों की मजबुरियों को समझा और राज्य में हजारों किलोमीटर का सफर तय कर वापस लौट रहे लोगों के लिए वाहनों की व्यवस्थाा कराई यह कार्य सराहनीय है। श्री बघेल ने राहगीरों के लिए चरण पादुका की व्यवस्था किए जाने पर भी प्रसन्नता जाहिर की है। कान्फे्रंस में उन्होंने विभिन्न राज्यों के लिए नियुक्त नोडल अधिकारियों की प्रशंसा करते हुए कहा कि सभी अफसरों ने बेहतर प्रदर्शन किया है। अन्य राज्यों के अधिकारियों से सतत संपर्क कर उचित तालमेल बनाते हुए प्रवासियों को निकालने में इनकी भूमिका प्रशंसनीय है। मुख्यमंत्री श्री बघेल ने जिला प्रशासन द्वारा किए गए कार्यों की प्रशंसा करते हुए कहा कि रायपुर जिला प्रशासन ने सभी जिलों के साथ बेहतर तालमेल बनाते हुए श्रेष्ठ प्रदर्शन किया है। उन्होंने कहा कि विकट परिस्थितियों के बीच भी राज्य ने औद्योगिक उत्पादन और रोजगार देने में कोई कोताही नहीं बरती और देश में अग्रणी रहा।

उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के साथ नगरीय क्षेत्रों में भी रोजगार उपलब्ध कराया गया है। उन्होंने कुछ औैद्योगिक इकाईयों द्वारा बिना सूचना श्रमिकों को लाने व काम लेने पर चिंता जताई है। समाचार लिखे जाने तक मुख्यमंत्री बिंदुवार समीक्षा भी कर रहे हैं। बताया गया कि बैठक में कोरोना महामारी नियंत्रण, राहत व्यवस्था और रणनीति बनाने के साथ ही लोक सेवा गारंटी अधिनियम, नरवा, गरूवा, घुरवा, बाड़ी योजना, हाट बाजार क्लीनिक योजना, इंग्लिश मीडियम स्कूलों की स्थापना, मुख्यमंत्री शहर स्लम स्वास्थ्य योजना, सुपोषण अभियान, ग्रामीण भूमिहीन मजदूर परिवारों का चिन्हांकन, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना, लघु वनोपजों का संग्रहण और प्रसंस्करण, वन अधिकार अधिनियम, खाद्य प्रसंस्करण, लघु वनोपज प्रसंस्करण इकाईयों की स्थापना, अन्य फ सलों को बढ़ावा देने हेतु कार्य योजना, शालाओं के शुरू करने से पहलेे उनके रंग-रोगन और आवश्यक मरम्मत, मनरेगा की प्रगति, भूमि का आबंटन और नियमितिकरण, शहरी स्लम पट्टो का नवीनीकरण व फ्री होल्ड करना, शासकीय हॉस्टल-आश्रम भवनों में आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता, जिलों में टिड्डी की समस्या, रेन वाटर हर्वेस्टिंग, कोविड संकट के दौरान राज्य में वापस लौटे प्रवासी श्रमिकों के बनाए गए राशन कार्ड, जॉब कार्ड एवं लेबर कार्ड, जारी मानसून सत्र में वृक्षारोपण की तैयारी जैसे बिंदुओं पर समीक्षा कर रहे हैं।




