CG : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में जशपुर में सिंचाई सुविधाओं का विस्तार, किसानों को मिलेगी बड़ी सौगात    |    नेपाल-तिब्बत सीमा की बाढ़ में भाजपा नेता की बेटी समेत छत्तीसगढ़ की तीन महिलाएं लापता    |    बहनों का स्नेह और आशीर्वाद मेरे लिए अनमोल : मुख्यमंत्री साय    |    लोकतंत्र सेनानियों का त्याग नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा है : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय    |    BREAKING : बंगाल का नया CM- शुभेंदु अधिकारी होंगे प. बंगाल के नए सीएम- अमित शाह ने किया सीएम का एलान    |    BREAKING NEWS : देखिए लाल किले के पास हुए बम धमाके की खौफनाक तस्वीरें, 8 लोगों की मौत    |    Breaking : 1 नवंबर को सभी स्कूल – कॉलेजों में रहेगी छुट्टी, आदेश जारी    |    BIG BREAKING : सी.पी. राधाकृष्णन होंगे भारत के नए उपराष्ट्रपति    |    साय कैबिनेट की बैठक खत्म, लिए गए कई अहम निर्णय    |    CG Accident : अनियंत्रित होकर पेड़ से टकराई तेज रफ्तार कार, युवक-युवती की मौके पर ही मौत, 3 की हालत गंभीर    |

बैलेट पेपर की दुहाई देने वाली कांग्रेस बैलेट पेपर से हुए चुनाव में भी खाता नहीं खोल सकी : साय

बैलेट पेपर की दुहाई देने वाली कांग्रेस बैलेट पेपर से हुए चुनाव में भी खाता नहीं खोल सकी : साय
Share

00 चुनाव ईवीएम से हो या बैलेट पेपर से, जीत के लिए जनता का विश्वास जरूरी, झूठे आरोप और शोर-शराबा नहीं
रायपुर।
मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने चार राज्यों में हुए विधान परिषद चुनावों के नतीजों को लेकर कांग्रेस पर तीखा कटाक्ष किया है। उन्होंने कहा कि बार-बार बैलेट पेपर से चुनाव कराने की दुहाई देने वाली कांग्रेस को अब बैलेट पेपर से हुए चुनावों में भी करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा है।
मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, बिहार और कर्नाटक की 28 विधान परिषद सीटों के लिए हुए चुनावों में कांग्रेस अपना खाता तक नहीं खोल पाई। विशेष रूप से कर्नाटक में अपनी सरकार होने के बावजूद कांग्रेस एक भी सीट नहीं जीत सकी। उन्होंने सवाल उठाया कि चुनावी हार पर बार-बार मतदान प्रक्रिया को कठघरे में खड़ा करने वाली कांग्रेस अब अपनी इस पराजय के लिए किसे दोष देगी?
मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि कांग्रेस को अपनी चुनावी विफलताओं का ठीकरा मतदान प्रक्रिया पर फोड़ने के बजाय आत्ममंथन करना चाहिए। कांग्रेस को समझना चाहिए कि चुनाव ईवीएम से हो या बैलेट पेपर से, जीत के लिए जनता का विश्वास जरूरी है, झूठे आरोप और राजनीतिक शोर-शराबा नहीं।



Share

Leave a Reply