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बारूद फैक्ट्री हादसे में बड़ी मछली को बचाने का षडयंत्र : दीपक बैज

बारूद फैक्ट्री हादसे में बड़ी मछली को बचाने का षडयंत्र : दीपक बैज
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 रायपुर। बारूद फैक्ट्री हादसे के चार दिन बाद की गयी एफआईआर को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने अपर्याप्त बताते हुये कहा कि भाजपा सरकार दोषियों को बचाने का षडयंत्र कर रही है। इस मामले में जो बड़ी मछलियां है उन पर कार्यवाही नहीं की गयी है तथा मामले की लीपापोती के हिसाब से एफआईआर दर्ज किया गया है। कर्मचारी पर कार्यवाही की गयी, प्रबंधन पर कार्यवाही क्यों नहीं की गयी है?

दीपक बैज ने कहा कि पंडरिया के सड़क हादसे में ड्राईवर के साथ वाहन मालिक पर भी कार्यवाही की गयी जबकि वाहन मालिक तो गाड़ी नहीं चला रहा था। बेमेतरा में प्रबंधन को क्यों बख्शा जा रहा है? वहां पर प्रबंधन की लापरवाही से इतने लोगों की जाने गई है। अतः की गई कार्यवाही अपर्याप्त है। घटना में सिर्फ 8 लोगों की शिनाख्त हुई है तथा 8 लोगों को ही मुआवजा दिया गया है। लेकिन गांव वालों का कहना है घटना में मरने वालो की संख्या अधिक है। 8 लोग अभी भी लापता है, जो लोग लापता है उनको भी मृत मानकर मुआवजा दिया जाना चाहिये। बेमेतरा ब्लास्ट में भाजपा सरकार मजदूरो के साथ नहीं अपितु फैक्ट्री प्रबंधन के साथ खड़ी दिख रही है। सरकार का पूरा ध्यान मामले को रफा-दफा करने में लगा है। इम मामले की दंडाधिकारी जांच के अधिकार एसडीएम को दिया गया है, जो खुद भी लापरवाही के दोषी है। उनके क्षेत्र के अंतर्गत फैक्ट्री में धमाका हो गया, वे निरीक्षण करने कब गये थे? धमाके के पहले निरीक्षण में उन्हें कोई कमी नहीं मिली तो अब घटना के बाद वे क्या कमी ढूंढ पायेंगे? लीपापोती बंद कर मामले की न्यायिक जांच होनी चाहिये।



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