कोरोना जांच में मासूम की उम्र 20 वर्ष बता कर पाजीटिव बताई गई, लापरवाही के चलते मृत्यु के उपरांत रिपोर्ट निकली निगेटिव
भिलाई। कोरोना वायस कोविड 19 की जांच परख में भारी लापरवाही देखने को मिल रही है। जांच केंद्रों में पदस्थ चिकित्सा कर्मियों द्वारा कोरोना जांच के दौरा निगेटिव पाजीटिव रिपोर्ट देने के मामले में भारी लापरवाही देखी जा रही है जिसके चलते अनेक मरीजों की निगेटिव मरीज भी पाजीटिव रिपोर्ट बताए जाने पर हड़कंप की स्थिति मच गई है। मिली जानकारी के अनुसार जिला अस्पताल में इलाज के दौरान एक बड़ी लापरवाही देखने में आई है जब 2 महीने की बच्ची को कोरोना पॉजीटिव बताकर रायपुर रेफ र कर दिया गया। मेकाहारा पहुंचने से पहली ही बच्ची की एम्बुलेंस में मौत हो गई। मौत के बाद बच्ची की कोरोना जांच कराई गई। रिपोर्ट निगेटिव आई जबकि भिलाई केंद्र में कोरोना जांच में न केवल बच्ची की रिपोर्ट को कोरोना पाजीटिव बताया गया था अपितु बच्ची की आयु भी 20 वर्ष गलत अंकित की गई थी जिसके माता-पिता की हालात दयनीय हो गई थी। बच्ची का अंतिम संस्कार कर जब परिजन घर पहुंचे उन्हें मोबाइल नंबर पर मिले मैसेज के आधार पर यह जानकारी मिली की बच्ची की उम्र 20 वर्ष बालिग युवती की दर्शाई गई है और रिपोर्ट भी निगेटिव निकली।




