सिंगल यूज प्लास्टिक के पाबंदी के बाद एक्शन मे निगम
रायपुर। छत्तीसगढ (Chhattisgarh)के जिले में एक जुलाई(july) से सिंगल यूज प्लास्टिक (single use plastic)का उपयोग व उत्पादन प्रतिबंधित हो गया है। इसके लिए पर्यावरण मंत्रालय (Ministry of Environment)के निर्देश पर नगर निगम आयुक्त ने टीम का गठन किया है। डोर टू डोर कचरा कलेक्शन वाली गाड़ियों के माध्यम से मुनादी कर लोगों से प्रतिबंधित सामानों का क्रयध्विक्रय ना करने की अपील की गई थी। जिसके बाद नगर निगम प्रशासन (municipal administration)ने प्रतिबंधित पालिथीन बेचने के मामले में प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए गोलबाजार की सभी दुकानों एवं आस पास के नौ दुकनों में छापामार कार्यवाही कर प्रतिबंधित सामानों को जब्ती कि गई।
दरअसल गोल बाजार की कुछ सब्जी व्यापारी एवं विधामल किराना स्टोर, किशोर किराना स्टोर, धन्ना पान सेंटर, महेश प्लास्टिक, मनीष स्वीट मार्ट, विज्जू होटल, सोनू दुकान, उमेश सिन्हा किराना दुकान, चुन्नाीलाल किराना दुकान से कुल 20 किलो से अधिक पालीथिन, 25 पैकेट डिस्पोजल, प्रतिबंधित फाइबर प्लेट जब्त कर सभी दुकानदारों से प्रतिबंधित सामान न बेचने की हिदायत देते हुए कहा कि अगली बार नियमानुसार चलानी कार्यवाही की जाएगी।
आपको बता दे कि छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल ने पर्यावरण संरक्षण अधिनियम के तहत सिंगल यूज प्लास्टिक उत्पादों को उपयोग से बाहर करने के लिए अधिसूचना जारी की है। इसके बाद निगम आयुक्त विनय कुमार ने उप अभियंता कामता प्रसाद नागेंद्र को नोडल अधिकारी तथा प्रभारी राजस्व अधिकारी निखिल चंद्राकर को सहायक नोडल नियुक्त करते हुए आठ सदस्यीय टीम का गठन किया है। जिसमें सचिंद्र थवाईत प्रभारी स्वास्थ्य अधिकारी, हेमंत नेताम राजस्व उपनिरीक्षक जुर्माना के लिए अधिकृत किया है। सदस्य में उप अभियंता कमलेश ठाकुर, लोमस देवांगन, आशीष शर्मा, मिशन मैनेजर शशांक मिश्रा, देवेश चंदेल राजस्व निरीक्षक, ओमप्रकाश शर्मा सहायक राजस्व निरीक्षक को जिम्मेदारी सौंपी गई है। इनका उदेश्य लोगों को जागरूक करना है। इसके तहत कई आम नागरिक एवं व्यापारियों को जागरूक करने के लिए मुनादी भी की जा रही है। आयुक्त विनय कुमार ने बताया कि प्लास्टिक का आविष्कार हुआ तो इसकी आवश्यकता को देखते हुए तेजी से मांग बढ़ी लेकिन प्लास्टिक का इस्तेमाल किस तरह से करना है, इसके प्रति लोग जागरूक नहीं हुए। जिस कारण प्लास्टिक का निस्तारण नहीं हो पा रहा है। प्लास्टिक को जलाने से पर्यावरण में प्रदूषण को बढ़ावा मिल रहा है। जो आमजन के स्वास्थ्य के लिए घातक है। इसीलिए प्लास्टिक के इस्तेमाल पर पूरी तरह से रोक लगाने के लिए निगम टीम द्वारा विगत तीन दिनों से मुरादी आज प्रतिबंधित सामानों की जब्ती की कार्यवाही की गई है। निगमायुक्त ने आम जनता से अपील करते हुए कहा है कि सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग एवं विक्रय करना बंद करें और निगम की कार्रवाई से बचें। जारी नोटिस के मुताबिक एक जुलाई से प्लास्टिक स्टिक वाले इयरबड, गुब्बारे में लगने वाले प्लास्टिक स्टिक, प्लास्टिक के झंडे, कैंडी स्टिक, आइसक्रीम स्टिक, सजावट में काम आने वाले थर्माकोल आदि शामिल हैं। इसके साथ ही प्लास्टिक कप, प्लेट, गिलास, कांटा, चम्मच, चाकू, स्ट्रॉ, ट्रे जैसी कटलेरी आइटम, मिठाई के डिब्बों पर लगाई जाने वाली प्लास्टिक, प्लास्टिक के निमंत्रण पत्र,100 माइक्रोन से कम मोटाई वाले पीवीसी बैनर आदि शामिल हैं पिछले कुछ सालों से सिंगल यूज प्लास्टिक के इस्तेमाल को लेकर बहस बढ़ी है। मगर इस बार सरकार एक्शन के मूड में है। माना जाता है कि इस प्लास्टिक को नष्ट नहीं किया जा सकता है। यह मिट्टी और पानी दोनों के लिए हानिकारक होता है। जो सालों तक खराब ना होने की वजह से मिट्टी और पानी पर अपना बुरा असर छोड़ रहा है। यही वजह है कि अब इन प्लास्टिक प्रोडक्ट को पूरी तरह से बैन करने का कड़ा फैसला लिया गया है।




