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मृत महिला की शरीर में हलचल, जांच के दौरान टूटी उम्मीद

 मृत महिला की शरीर में हलचल, जांच के दौरान टूटी उम्मीद
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कोरबा। पुनर्जन्म और मृत्यु के कुछ घण्टे बाद संबंधित व्यक्तियों के अचानक जीवित हो उठने के मामले यदाकदा प्रकाश में आते रहे है। कोरबा जिले के पहंदा गांव में ऐसा ही हुआ। यहां मृत महिला की अंत्येष्टि की तैयारी के दौरान ही शरीर में हलचल हुई। इस पर उसे जिला अस्पताल लाया गया। चमत्कार की आस में जुटे लोग तब निराश हो गए जब कुछ देर बाद महिला को अंतत: मृत घोषित कर दिया गया।

जानकारी के अनुसार उरगा पुलिस थाना के अंतर्गत आने वाले पहंदा गांव में रहने वाली संतराबाई रात्रे का स्वास्थ्य कुछ दिनों से बिगड़ा हुआ था। कोसाबाड़ी क्षेत्र स्थित एक निजी अस्पताल में उसका उपचार चल रहा था। महिला को जरूरी दवायें दी जा रही थी। इसी बीच शुक्रवार को महिला की स्थिति और ज्यादा बिगड़ गई और आखिरकार उसने जवाब दे दिये। खबर के अनुसार इसी दिन अस्पताल प्रबंधन ने महिला के मृत होने की पुष्टि के साथ परिजनों को आवश्यक प्रमाण पत्र भी दे दिया। घटना को स्वीकार करने के साथ महिला का शव लेकर परिजन अपने घर चले गये। आज सुबह अंतिम संस्कार से पहले की रस्में पूरी की जा रही थी। इस दौरान लोग तब हक्के-बक्के रह गए, जब उन्होंने महिला के हाथ-पैर में हलचल होते देखी। फौरन गांव के झोलाछाप डॉक्टर को बुलाया गया। उसने अपने स्तर पर परीक्षण के साथ स्पष्ट किया की महिला जीवित है। इस आधार पर परिजनों ने महिला को काफी उम्मीद के साथ कोरबा के सरकारी जिला अस्पताल पहुंचाया। यहां आगे की प्रक्रियाएं शुरू की जाती, इससे पहले कई बिंदुओं पर चर्चा हुई। बताया गया कि कुछ देर के बाद महिला का फिर से परीक्षण किया गया और स्पष्ट किया गया कि महिला के शरीर में प्राण नहीं है। यह जानकारी मिलते ही एक बार फिर महिला के परिजन निराश हो गए, जिन्हेंं मृत्यु पर विजय पाने का भरोसा था। इससे पूर्व ऐसा ही प्रकरण काफी कोरबा नगर में देख चुके है, जिसमें पूर्व पार्षद अनिल पाण्डेय के निधन के बाद शरीर में हलचल देखे जाने पर उन्हें अस्पताल ले जाया गया था। लेकिन नतीजे अपेक्षा के अनुरूप नहीं आ सके।


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