CG : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में जशपुर में सिंचाई सुविधाओं का विस्तार, किसानों को मिलेगी बड़ी सौगात    |    नेपाल-तिब्बत सीमा की बाढ़ में भाजपा नेता की बेटी समेत छत्तीसगढ़ की तीन महिलाएं लापता    |    बहनों का स्नेह और आशीर्वाद मेरे लिए अनमोल : मुख्यमंत्री साय    |    लोकतंत्र सेनानियों का त्याग नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा है : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय    |    BREAKING : बंगाल का नया CM- शुभेंदु अधिकारी होंगे प. बंगाल के नए सीएम- अमित शाह ने किया सीएम का एलान    |    BREAKING NEWS : देखिए लाल किले के पास हुए बम धमाके की खौफनाक तस्वीरें, 8 लोगों की मौत    |    Breaking : 1 नवंबर को सभी स्कूल – कॉलेजों में रहेगी छुट्टी, आदेश जारी    |    BIG BREAKING : सी.पी. राधाकृष्णन होंगे भारत के नए उपराष्ट्रपति    |    साय कैबिनेट की बैठक खत्म, लिए गए कई अहम निर्णय    |    CG Accident : अनियंत्रित होकर पेड़ से टकराई तेज रफ्तार कार, युवक-युवती की मौके पर ही मौत, 3 की हालत गंभीर    |

CG- आफत की बारिश : उफान पर शिवनाथ नदी, बाढ़ में फंसे 32 मजदूरों का SDRF ने किया रेस्क्यू

CG- आफत की बारिश : उफान पर शिवनाथ नदी, बाढ़ में फंसे 32 मजदूरों का SDRF ने किया रेस्क्यू
Share

 दुर्ग : दुर्ग जिले में लगातार चार दिनों से हो रही भारी बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। जिले के नदी-नाले उफान पर हैं और शिवनाथ नदी में जलस्तर खतरनाक स्तर पर पहुंच चुका है। इसी कारण शिवनाथ नदी के किनारे बसा ग्राम थनौदा पूरी तरह से जलमग्न हो चुका है। गांव में पानी इस कदर भर गया है कि ईंट भट्ठों से लेकर खेत और घर सब डूब चुके हैं।लेकिन एक बेजुबान जानवर अभी भी मदद का इंतजार कर रहा है।

दरअसल दुर्ग ज़िले में चार दिनों से भारी बारिश हो रही है, नदी नाले तूफान पर है,स्थिति की गंभीरता को देखते हुए आज सुबह एसडीआरएफ की टीम ने मौके पर पहुंचकर 32 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। ये सभी भारतमाला प्रोजेक्ट के अंतर्गत काम कर रहे मज़दूर थे, जो अचानक आई बाढ़ में ईंट भट्ठों में फंस गए थे। घंटों मशक्कत के बाद उन्हें सुरक्षित निकाल लिया गया, लेकिन एक बेजुबान जानवर अभी भी मदद का इंतजार कर रहा है।गांव के लोगों ने बताया कि ईंट भट्ठे में एक स्ट्रीट डॉग पिछले तीन दिनों से पानी में फंसा हुआ है। चारों ओर लगभग 15 फीट गहरा पानी है और वहां तक पहुंचने का कोई साधन नहीं है।

भूखा-प्यासा यह कुत्ता जोर-जोर से चिल्लाकर अपनी मौजूदगी का एहसास दिला रहा है, लेकिन अब तक कोई भी प्रशासनिक अधिकारी उसकी सुध लेने नहीं पहुंचा है।वहीं ग्रामीण राजेश्वर यादव ने भावुक होकर प्रशासन से अपील की है कि जैसे इंसानों को रेस्क्यू कर सुरक्षित निकाला गया, वैसे ही इस मासूम जानवर को भी जल्द से जल्द बचाया जाए। उसकी चीखें अब दिल को चीर रही हैं और अगर जल्दी मदद नहीं पहुंची तो उसकी जान को खतरा हो सकता है।प्रशासन से निवेदन है कि जानवरों की भी जान की कीमत समझें और राहत कार्य में उन्हें भी शामिल करें।

 


Share

Leave a Reply