CG : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में जशपुर में सिंचाई सुविधाओं का विस्तार, किसानों को मिलेगी बड़ी सौगात    |    नेपाल-तिब्बत सीमा की बाढ़ में भाजपा नेता की बेटी समेत छत्तीसगढ़ की तीन महिलाएं लापता    |    बहनों का स्नेह और आशीर्वाद मेरे लिए अनमोल : मुख्यमंत्री साय    |    लोकतंत्र सेनानियों का त्याग नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा है : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय    |    BREAKING : बंगाल का नया CM- शुभेंदु अधिकारी होंगे प. बंगाल के नए सीएम- अमित शाह ने किया सीएम का एलान    |    BREAKING NEWS : देखिए लाल किले के पास हुए बम धमाके की खौफनाक तस्वीरें, 8 लोगों की मौत    |    Breaking : 1 नवंबर को सभी स्कूल – कॉलेजों में रहेगी छुट्टी, आदेश जारी    |    BIG BREAKING : सी.पी. राधाकृष्णन होंगे भारत के नए उपराष्ट्रपति    |    साय कैबिनेट की बैठक खत्म, लिए गए कई अहम निर्णय    |    CG Accident : अनियंत्रित होकर पेड़ से टकराई तेज रफ्तार कार, युवक-युवती की मौके पर ही मौत, 3 की हालत गंभीर    |

जिला प्रशासन ने शुरू की बड़ी पहल...इन छात्रों को निजी स्कूलों में भी मिलेगी निशुल्क शिक्षा

जिला प्रशासन ने शुरू की बड़ी पहल...इन छात्रों को निजी स्कूलों में भी मिलेगी निशुल्क शिक्षा
Share

 अंबिकापुर। पिछड़ी जनजाति के छात्रों के लिए अच्छी खबर है। सरगुजा में विशेष पिछड़ी जनजाति के छात्र भी अब बेहतर शिक्षा ग्रहण कर सकेंगे। इसके लिए सरगुजा जिला प्रशासन ने अनूठी पहल शुरू की है। जहां शहर के बड़े स्कूलों के सभी कक्षाओं में 2-2 विशेष पिछड़ी जनजाति के छात्रों को निःशुल्क शिक्षा दी जाएगी।

खास बात ये है कि शहर के चार बड़े स्कूलों ने इसके लिए सहमति भी दे दी है। बहुत जल्द जिला शिक्षा विभाग सभी निजी स्कूलों में ऐसी व्यवस्था लागू करने की बात कह रहा है। दरअसल आम तौर पर विशेष पिछड़ी जनजाति, पहाड़ी कोरवा, पंडो, माझी जैसे समुदाय के बच्चे बेहतर पढ़ाई से वंचित रह जाते हैं। ऐसे में इन्हें शिक्षा की मुख्य धारा से जोड़ने और इन्हें बेहतर शिक्षा देने के लिए सरगुजा जिला प्रशासन ने एक पहल शुरू की है।

जिसके तहत शहर के चार बड़े स्कूलों का चयन किया गया है, जहां प्रत्येक कक्षा में दो विशेष पिछड़ी जनजाति के छात्रों को निशुल्क शिक्षा दी जाएगी। जिला प्रशासन का कहना है कि बड़े स्कूलों में निःशुल्क शिक्षा के जरिए न सिर्फ विशेष पिछड़ी जनजाति के छात्रों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराई जा सकेगी बल्कि उनकी जीवन पद्धति में भी परिवर्तन दर्ज कराया जा सकेगा।



Share

Leave a Reply