जिला कलेक्टर रायपुर ने किया स्पष्ट, चालू हो सकती है ये अतिरिक्त गतिविधियां
रायपुर। कोरोना वायरस (कोवीड-19) से नियंत्रण व् बचाव के लिए केंद्र व् राज्य की सरकारें कई प्रयास कर रही है केंद्र की सरकार ने लॉकडाउन भी लगा दिया है। इसी कड़ी में एक खबर सामने आ रही है की सचिव श्रम सह-श्रमायुक्त एवं स्टेट नोडल अधिकारी सोनमणि बोेरा ने राज्य के अंदर कोरोना संक्रमण के रोकथाम के परिप्रेक्ष्य में चिन्हित जिले/हाटस्पाॅटस के भीतर कंटेन्मेंट जोन को छोड़कर राज्य के शेष क्षेत्र में 20 अप्रैल से अतिरिक्त गतिविधियों की अनुमति प्रदान की है। इसी तरह संकटापन्न प्रवासी श्रमिकोें को उद्योग, कृषि, निर्माण एवं अन्य कार्यो में रोजगार उपलब्ध कराने हेतु आश्रय स्थल/रिलिफ कैम्प से कार्यस्थल तक भेजने /यातायात हेतु मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) निर्धारित की गई है। कलेक्टर डाॅ।एस भारती दासन ने स्पष्ट किया है कि रायपुर जिला हाॅटस्पाॅट एवं कंटेन्मेंट जोन घोषित नहीं किया गया है। अतः इस आदेश के तहत अब रायपुर जिले में अतिरिक्त गतिविधियां संपादित की जा सकती हैं।
पढ़िए पूरी खबर-
कलेक्टर ने बताया कि शासन द्वारा संचालित आश्रय स्थल / रिलिफ कैम्प में निवासरत प्रवासी श्रमिकों के कार्य कौशल की पहचान/चिन्हाकित कर उसके अनुसार उपयुक्त कार्य उपलब्ध कराने हेतु स्थानीय जिला प्रशासन के द्वारा पंजीयन किया जावेगा। कौशल चिन्हित करने के बाद जिला स्तर में अनुमति प्राप्त उद्योगों/गतिविधियों में प्लेसमेंट के लिए संभावना तलाशकर कार्य दिलाया जाये अथवा पूर्व में कार्यरत कार्यस्थल हेतु इच्छुक होने पर आवश्यक कार्यवाही की जावेगी। उन्होंने कहा है कि श्रमिकों का स्वास्थ्य परीक्षण करने के उपरांत स्वास्थ्य पाये जाने पर ही राज्य के भीतर अन्य स्थानों पर जाने की अनुमति दी जाये।
आवागमन प्रतिबंधित-
यह भी स्पष्ट किया गया है कि पूर्व में ही श्रमिकों का अन्य राज्यों में आवागमन प्रतिबंधित किया गया है। प्रवासी श्रमिकों के कार्यस्थल तक आवागमन जिले के भीतर/अंतरजिला अर्थात छत्तीसगढ़ राज्य के भीतर हो सकता है, बाहर नहीं। श्रमिकों के आवागमन हेतु वाहन व्यवस्था में पर्याप्त सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन सुनिश्चित करते हुए, स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुरूप बस/वाहन को सैनिटाइज करना एवं अन्य कार्यवाही करना सुनिश्चित की जाए। कोरोना संक्रमण के रोकथाम व नियंत्रण हेतु भारत सरकार के गृह मंत्रालय के 15 अप्रैल 2020 को जारी दिशा-निर्देशों एवं छत्तीसगढ़ शासन द्वारा इस संदर्भ में जारी निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित की जाए। परिवहन अवधि में समुचित वाहन से यात्रा के दौरान स्थानीय प्रशासन द्वारा श्रमिकों हेतु पौष्टिक भोजन एवं स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था की जाए।




