लॉक डाउन के लम्बे खीचने के कारण राहत कार्य में लगे कई समाज सेवी संस्था के हो रहे है हौसले पस्त,शासन को देना होगा इस ओर ध्यान
रायपुर, कोरोना के इस महामारी के चलते सरकार द्वारा लॉक डाउन का निर्णय लिया गया ऐसे में गरीब वर्ग के लोगो के सामने सबसे बड़ी समस्या सामने आ गयी वो है भोजन की ,इस हालत को शहर के कई समाज सेवी संस्थाओ ने समझ कर अपने अपने स्तर पर इन गरीब बेसहारा लोगो को भोजन , कच्चे राशन और अन्य आवश्यक सामानों की अपने साधनों से निशुल्क उपलब्ध कराने का प्रयास किया जिसमे सभी काफी हद तक सफल हो रहे थे
परन्तु भारत सरकार द्वारा जैसे ही लॉक डाउन की अवधी बढाई उसके बाद संसाधन की कमी के कारण कई समाज सेवी संस्थाओ ने अपने आप को पीछे कर लिया ,इसी सन्दर्भ में विगत दिनों रायपुर स्मार्ट सिटी के सी ई ओं श्री गौरव कुमार जी ने सभी संस्थाओ की एक बैठक आहूत की थी जिसमे संस्थाओ से कितने दिनों तक आप अपनी सेवा दे सकते है और किस स्तर तक ये भी जानकारी मांगी थी.
अभी वर्तमान में ये देखने में आ रहा है कई संस्थाए अपना सेवा कार्य बंद कर चुकी है और कई एक दो दिन में बंद करने के कगार में है इस संस्थाओ से बात करने पर पता चला की इस निर्णय को लेने के पीछे सब से बड़ा कारण पैसे की कमी होना है हालाकि सरकार अपने स्तर पर सारे प्रयास कर रही है और गरीबो को निशुल्क राशन और आवश्यक सामग्री का वितरण भी कर रही है
ऐसे में ये सोचनीय हो जाता है की अगर कही ऐसी स्तिथि और आगे बढ़ गयी तो इन गरीबो की क्या व्यथा होगी,राज्य सरकार को ऐसे समाज सेवी संस्थाओ को कुछ मदद करनी चाहिए ताकि इस विपत्ति में वे सरकार के साथ कंधे से कन्धा मिलाकर कार्य कर सके




