सावधान: लगातार तीन महीने नहीं चुकाया बिजली का बिल तो नहीं मिलेगा बिजली बिल हाफ का लाभ
महासमुंद। 400 यूनिट बिजली बिल छूट का लाभ लेना है, तो कोरोना काल के दौरान तीन महिने का बिल भुगतान करना अनिवार्य है। यदि बिजली बिल का भुगतान उपभोक्ता नहीं करेंगे तो, उन्हें इस छूट का लाभ नहीं मिलेगा। विद्युत विभाग ने 31 मई तक बिना अधिभार के बिल अदा करने का समय उपभोक्ताओं को दिया है। कोरोना काल के चलते उपभोक्ताओं को पिछले तीन महीने से बिना अधिभार का बिल दिया गया है। हालांकि एटीपी सेंटरों में बिल पटाने वालों की कतार लग रही है, लेकिन पिछले तीन महिने से वूसली बहुत कम आई है। वहीं ऑनलाइन पेंमेट में भी कमी आई है। हर महिने सरायपाली व महासमुंद डिविजन में तीन से चार करोड़ रूपये का भुगतान होता था, इस बाद केवल एक से डेढ़ करोड़ का ही भुगतान हुआ है। बिजली बिल पटाने के लिए लगातार विभाग प्रयासरत है, वहीं एसएमएस के माध्यम से बिल पटाने के लिए सूचना दे रहा है। कार्यपालन अभियंता महेश नायक ने बताया कि सरकार पहले 31 मई तक बिना अधिभार के बिल पटाने की छूट दी है। अब शासन ने आदेश दिया है कि जो लगातार तीन महीने तक बिल नहीं पटाएगा उन्हें आने वाले महीनों में बिजली हाफ यानी 400 यूनिट का छूट नहीं दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि हर महीने की भांति इस बार बिजली बिल का भुगतान धीमी गति से हो रहा है। अभी भी समय शेष है। उपभोक्ता समय रहते अधिभार व छूट का लाभ बिल अदा कर ले सकते हैं। ज्ञात हो कि जिले में अभी भी 10 हजार उपभोक्ताओं को छूट का लाभ नहीं मिल रहा है। ये ऐस उपभोक्ता है जिन्होंने अभी तक बिल नहीं पटाया है। वहीं इनके कनेक्शन विभाग ने काट दिए हैं। जानकारी के अनुसार जिले में तीनों डिविजन में करीब 2 लाख उपभोक्ता है। इसमें घरेलू, उद्योग शामिल है।
कोरोना के चलते बंद था दफ्तर-
कोरोना संकट को देखते हुए 22 मार्च से 20 अप्रैल तक बिजली दफ्तर को बंद कर दिया था। इस दौरान बिजली बिल पटाने लोग पहुंच रहे थे, लेकिन दफ्तर बंद होने के कारण वे वापस लौट आए थे। 21 अप्रैल के बाद फिर से दफ्तर को खोला गया और उपभोक्ताओं को बिना सरचार्ज के 31 मई तक बिजली बिल का भुगतान करने की जानकारी दी गई थी। इसके बाद से बिजली बिल का भुगतान उपभोक्ता कर रहे है, लेकिन पूर्व की भांति वसूली कम हो रही है।
शासन ने किया सकुर्लर जारी-
तीन माह तक बिजली बिल का भुगतान यदि उपभोक्ता नहीं करते हैं, तो उन्हें बिजली हॉफ का लाभ नहीं देने के लिए शासन ने सकुर्लर जारी कर दिया है। यहीं नहीं उनसे अधिभार शुल्क भी लिया जाएगा।




