यूट्यूब देखकर इंजीनियरिंग छात्रों ने बनाया रोबोट, कोरोना संक्रमण के मरीज तक पहुंचा सकता है दवा और खाना
रायपुर, भारत में कोरोना का संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है, रोजाना अलग-अलग राज्यों से सैकड़ों संक्रमित मरीज मिल रहे हैं। हालात को देखते हुए सरकार ने पूरे देश में 21 दिनों तक के लिए लॉक डाउन कर दिया है। वहीं, दूसरी ओर इस संकट के समय में पुलिस प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीम अपना जान जोखिम में डालकर मुस्तैदी से अपनी ड्यूटी निभा रहे हैं। डॉक्टरों के जोखिम को समझते हुए छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले के इंजीनियरिंग छात्रों ने एक ऐसा रोबोट बनाया है, जिसकी मदद से मरीजों तक दवा और खाना पहुंचाया जा सकता है। अहम बात यह है कि इस रोबोट में लगे कैमरे की मदद से डॉक्टर और मरीज एक दूसरे से संवाद भी कर सकते हैं। वहीं, इस यंत्र को बनाने में कुल लागत महज 5000 हजार रुपए आई है। छात्रों ने केंद्र और राज्य की सरकार से गुजारिश की है कि उनको फंड उपलब्ध कराया जाए ताकि अधिक से अधिक मात्रा में रोबोट बनाकर डॉक्टरों की मदद की जा सके।
Chhattisgarh: Yogesh Sahu, an engineering final yr student in Mahasamund, claims that he has built an internet controlled robot that can be used to attend to patients on behalf of doctors. He says, "Doctors are risking their lives to save people. Wanted to do something for them." pic.twitter.com/qHL915PuyD
— ANI (@ANI) April 8, 2020
इस यंत्र को बनाने वाले छात्र योगेश साहू ने बताया कि उन्होंने एक ऐसा इंटरनेट नियंत्रित रोबोट बनाया है जिसका इस्तेमाल डॉक्टरों की ओर से मरीजों के लिए किया जा सकता है। योगेश का कहना है कि "डॉक्टर लोगों को बचाने के लिए अपनी जान जोखिम में डाल रहे हैं, उनके लिए कुछ करना चाहते थे।"
मैंने अपने दो दोस्तों के साथ इसका निर्माण किया था। इसे बनाने में हमें लगभग 5000 रुपए लगे। हम रोबोट को सीधे इंटरनेट से जोड़ सकते हैं, फिर इसे कहीं से भी संचालित किया जा सकता है। डॉक्टर इसमें कैमरे के माध्यम से मरीजों से बातचीत कर सकते हैं और उन्हें दवाएं दे सकते हैं।
इसकी खासियत है कि आप इससे बात कर सकते हैं। मैं राज्य सरकार और केंद्र से हमें धन मुहैया कराने का आग्रह करता हूं ताकि हम ऐसे रोबोट बना सकें जो लोगों, खासकर डॉक्टरों की मदद करेंगे। हमने इसे यूट्यूब के माध्यम से बनाना सीखा।




