रायपुर में लाकडाउन के बाद भी इन क्षेत्रों में रहती है लोगो की भीड़,नियमो के साथ खिलवाड़ कही बन ना जाए मुसीबत
रायपुर, दुनियाभर में कोरोनावायरस के चलते लाखों लोग लॉकडाउन में हैं, तो वहीं हजारों की संख्या में लोग सेल्फ आइसोलेशन में हैं, ताकि इस जानलेवा वायरस की चेन को तोड़ा जा सके. ऐसे में कई लोग लॉकडाउन के नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं, तो कुछ जागरूक लोग ऐसे भी हैं, जो इस मामले में कोई कोताही नहीं बरत रहे हैं।
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में आज लाकडाउन के नियमो को ताक में रखकर लोग सड़कों में घूमते नजऱ आये , बात सड़क की ही करनी काफी नही है, लोग अपने अपने गली मोहल्लों में एकत्र होते हुए नजऱ आये। सरकार ,शासन -प्रशासन लोगो को शोशल डिस्टेंसी अपनाने के लिए हर पल सलाह दे रही हैं। पर इससे विपरीत लोग लाकडाउन का पालन करते नही नजऱ आ रहे है।
यहां है पुलिस की चेकिंग:—
राजधानी रायपुर से सटे विभिन्न जिलों के सीमाओं में पुलिस बेरिकेट लगाकर दिन में चेकिंग करती नजऱ आती हैं।
पर इसके विपरीत सुबह के समय यहां पुलिस की चेकिंग नही के बराबर होती है जिसके कारण लोग रायपुर से सटे दूसरे जिलों की सीमाओं में चले जाते हैं, और दूसरे जिले के लोग रायपुर आसानी से दाखिल हो जाते हैं ।
राजधानी रायपुर के कालीबाड़ी, जय स्तम्भ, रायपुरा, रेलवे स्टेशन रोड, मंदिर हसौद , भगतसिंह चौक, तेलीबांधा में पुलिस चेकिंग तो करती है पर सुस्त रवैये के चलते लोग अपनी वाहनों के साथ आवाजाही करते हैं।
तंग गलियों में जमघट:—
आमापारा, अमिनपारा, लाखे नगर, कुशालपुर, कुंदरा पारा, बंधवापारा, जैसे राजधानी रायपुर में दर्जनों मोहहले हैं जहां लोग अपने अपने घरों के बाहर लाकडाउन के नियमो को ताक में रखकर जमघट लगाते हैं।
पुलिस गाड़ी आई तो अंदर ,गई तो बाहर:—
गली - मोहल्लों में यह अक्सर होता हैं कि निर्धारित समय अवधि के बाद पुलिस की पेट्रोलिग टीम जब मोहल्लों में दुकानें बंद कराने आती है तो बाहर जमघट लगाए लोग फौरन अपने अपने घरों में पुलिसिया सायरन की आवाज़ सुनकर छिप जाते है, गाड़ी वापस जाने के बाद फिर वे अपनी जमघटो का सिलसिला बरकरार रख गप्पे मारने शुरू कर देते हैं।




