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कोल घोटाला मामले में EWO की जांच में बड़ा खुलासा, कांग्रेस भवन में होता था कोल लेवी से जुड़ा अवैध लेन देन!

कोल घोटाला मामले में EWO की जांच में बड़ा खुलासा, कांग्रेस भवन में होता था कोल लेवी से जुड़ा अवैध लेन देन!
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  रायपुर। कोल लेवी घोटाले के पूरक चालान में ईओडब्ल्यू की जांच ने एक बार फिर बड़ा खुलासा किया है। जब्त दस्तावेजों में “भवन” नाम से दर्ज एंट्री से कांग्रेस भवन रायपुर में अवैध लेनदेन की पुष्टि हुई है। पेश किए गए पूरक चालान में आरोपी देवेंद्र डड़सेना को कांग्रेaस कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल का निजी सहायक बताया गया है।

वहीं जांच में खुलासा हुआ कि देवेंद्र डड़सेना अवैध कोल लेवी वसूली से प्राप्त भारी नकदी का रियल रिसीवर और मीडिएटर था। वह इस अवैध धनराशि को स्वयं रिसीव कर रामगोपाल अग्रवाल के निर्देश पर अन्य आरोपियों तक पहुंचाने का काम करता था। ईओडब्ल्यू ने देवेंद्र को पूरे घोटाले की एक अनिवार्य कड़ी माना है।

मामले में बताया गया कि, आरोपी नवनीत तिवारी के बारे में भी बड़ा खुलासा हुआ है। वह सूर्यकांत तिवारी के निर्देश पर रायगढ़ के कोल व्यवसायियों और ट्रांसपोर्टरों से करोड़ों रुपये की अवैध वसूली करता था। इतना ही नहीं सूर्यकांत तिवारी की अवैध आय से खरीदी गई कई संपत्तियों का बेनामीदार भी नवनीत तिवारी ही है।

ईओडब्ल्यू द्वारा पेश किए गए 1500 पन्नों के दूसरे पूरक चालान में डिजिटल, दस्तावेजी और मौखिक साक्ष्यों के आधार पर इन सभी तथ्यों की पुष्टि की गई है। कोल स्कैम मामले में ईओडब्ल्यू की जांच अभी भी जारी है और आने वाले दिनों में और भी चौंकाने वाले खुलासे संभव हैं।



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