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श्रद्घा या अंधविश्वास : 11वीं की छात्रा ने जीभ काटकर शिवलिंग पर चढ़ाया,शिवलिंग के चारों तरफ फैला खून, मंदिर में लोगों की लगी भीड़,देखने वाले हुए हैरान…

श्रद्घा या अंधविश्वास : 11वीं की छात्रा ने जीभ काटकर शिवलिंग पर चढ़ाया,शिवलिंग के चारों तरफ फैला खून, मंदिर में लोगों की लगी भीड़,देखने वाले हुए हैरान…
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  सक्ती :-  जिले में 11वीं की छात्रा आरुषि चौहान (16) ने अपनी जीभ काटकर भगवान शिव को चढ़ा दिया है। मंदिर परिसर में खून ही खून फैला हुआ है। जीभ काटने के बाद छात्रा ने मंदिर में खुद को बंद कर लिया है और साधना करने बैठ गई है।

छात्रा ने एक नोट भी छोड़ा है, जिसमें उसने लिखा है कि अगर मैं उठ जाऊंगी तो मर्डर हो जाएगा। घरवालों का कहना है कि छात्रा 2 दिनों तक साधना में लीन रहेगी। परिजनों और ग्रामीणों ने पुलिस वालों को मंदिर के अंदर जाने नहीं दिया है। मामला डभरा थाना क्षेत्र के ग्राम देवरघटा के अचरीपाली का है।

जानकारी अनुसार छात्रा घर के पास तालाब के किनारे बने भोले बाबा के मंदिर पहुंची थी। छात्रा ने एक पेज में छत्तीसगढ़ी में नोट भी लिखा है, जिसमें कहा है 'काकरों आवाज नहीं आना चाहिए, गाड़ी या आदमी काकरो नहीं' और दूसरे पेज में लिखा कि 'अगर मैं उठ जहा तो सब के मर्डर हो जाही, चाहे मोर पापा या मम्मी या कोई अधिकारी समझ में नहीं आ रहा है आप सभी को'।

इन शब्दों का मतलब है कि किसी की आवाज नहीं आनी चाहिए, गाड़ी या आदमी किसी की नहीं। अगर मैं उठ जाऊंगी तो सभी का मर्डर हो जाएगा, चाहे पापा-मम्मी हो या कोई भी अधिकारी।

घटना की जानकारी पुलिस अधिकारियों को मिली तो वे मौके पर पहुंचे। लेकिन उन्हें मंदिर के अंदर जाने नहीं दिया गया। वहीं गांव के लोगों ने मंदिर को चारों तरफ को घेर लिया। छात्रा के माता पिता को पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों ने समझाया, लेकिन बेटी को अस्पताल ले जाने से माता पिता ने साफ इनकार कर दिया है।

वहीं 108 एम्बुलेंस के साथ डॉक्टरों की टीम मौके पर मौजूद है। SDOP सुमित गुप्ता ने बताया कि सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम और SDM, तहसीलदार भी मौके पर पहुंचे हुए हैं। सभी ने समझाने की कोशिश की है, लेकिन माता-पिता का कहना है कि बच्ची स्वस्थ है, उसे कुछ नहीं हुआ है। उसे अस्पताल ले जाने नहीं दे रहे।



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