CG : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में जशपुर में सिंचाई सुविधाओं का विस्तार, किसानों को मिलेगी बड़ी सौगात    |    नेपाल-तिब्बत सीमा की बाढ़ में भाजपा नेता की बेटी समेत छत्तीसगढ़ की तीन महिलाएं लापता    |    बहनों का स्नेह और आशीर्वाद मेरे लिए अनमोल : मुख्यमंत्री साय    |    लोकतंत्र सेनानियों का त्याग नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा है : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय    |    BREAKING : बंगाल का नया CM- शुभेंदु अधिकारी होंगे प. बंगाल के नए सीएम- अमित शाह ने किया सीएम का एलान    |    BREAKING NEWS : देखिए लाल किले के पास हुए बम धमाके की खौफनाक तस्वीरें, 8 लोगों की मौत    |    Breaking : 1 नवंबर को सभी स्कूल – कॉलेजों में रहेगी छुट्टी, आदेश जारी    |    BIG BREAKING : सी.पी. राधाकृष्णन होंगे भारत के नए उपराष्ट्रपति    |    साय कैबिनेट की बैठक खत्म, लिए गए कई अहम निर्णय    |    CG Accident : अनियंत्रित होकर पेड़ से टकराई तेज रफ्तार कार, युवक-युवती की मौके पर ही मौत, 3 की हालत गंभीर    |

मछली पालन और सिंघाड़ा खेती से बढ़ी महिला स्व-सहायता समूह की आमदनी

मछली पालन और सिंघाड़ा खेती से बढ़ी महिला स्व-सहायता समूह की आमदनी
Share

 रायपुर। छत्तीसगढ़ में महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में स्व-सहायता समूह उल्लेखनीय कार्य कर रहे हैं। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के सहयोग से गौरेला पेंड्रा मरवाही जिला के जनपद पंचायत पेंड्रा के ग्राम कोटमीकला की गोडवाना महिला स्व-सहायता समूह की महिलाएं मछली पालन और सिंघाड़ा की खेती के माध्यम से आय का मजबूत स्रोत विकसित कर ‘लखपति दीदी’ बनने की ओर अग्रसर हैं।

समूह ने आजीविका गतिविधि के रूप में पिछले वर्ष ग्राम पंचायत से 5 हजार रुपए वार्षिक ठेके पर तालाब लिया था। केवल 2 हजार रुपए के मछली बीज का उपयोग कर महिलाओं ने एक ही सीजन में 18 हजार रुपए से अधिक की मछली बेचकर आर्थिक लाभ प्राप्त किया। इसके बाद महिलाओं ने इसी तालाब में सिंघाड़ा की खेती शुरू की, जिसने उनकी आय में उल्लेखनीय बढ़ोतरी की है।अब तक महिलाएं 15 से 20 हजार रुपए मूल्य का सिंघाड़ा बेच चुकी हैं, जबकि लगभग 70 से 80 हजार रुपए का सिंघाड़ा वर्तमान में तैयार है और इसे लगातार निकालकर बेचा जा रहा है। समूह की सदस्य श्रीमती चमेली बाई ने बताया कि महिलाएं अपने खाली समय में अगरबत्ती निर्माण भी करती हैं और स्थानीय हाट-बाजारों एवं दुकानों में आपूर्ति कर अतिरिक्त आमदनी अर्जित कर रही हैं।

ग्राम कोटमीकला में बिहान के तहत स्थापित आजीविका सेवा केंद्र से कृषि, पशुपालन और अन्य आय-वर्धक गतिविधियों के लिए समूह की महिलाओं को निरंतर सहयोग और मार्गदर्शन मिल रहा है। मेहनत, सामूहिक प्रयास और मिशन के सहयोग से महिलाएं आर्थिक आत्मनिर्भरता का नया अध्याय लिख रही हैं।



Share

Leave a Reply