CG : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में जशपुर में सिंचाई सुविधाओं का विस्तार, किसानों को मिलेगी बड़ी सौगात    |    नेपाल-तिब्बत सीमा की बाढ़ में भाजपा नेता की बेटी समेत छत्तीसगढ़ की तीन महिलाएं लापता    |    बहनों का स्नेह और आशीर्वाद मेरे लिए अनमोल : मुख्यमंत्री साय    |    लोकतंत्र सेनानियों का त्याग नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा है : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय    |    BREAKING : बंगाल का नया CM- शुभेंदु अधिकारी होंगे प. बंगाल के नए सीएम- अमित शाह ने किया सीएम का एलान    |    BREAKING NEWS : देखिए लाल किले के पास हुए बम धमाके की खौफनाक तस्वीरें, 8 लोगों की मौत    |    Breaking : 1 नवंबर को सभी स्कूल – कॉलेजों में रहेगी छुट्टी, आदेश जारी    |    BIG BREAKING : सी.पी. राधाकृष्णन होंगे भारत के नए उपराष्ट्रपति    |    साय कैबिनेट की बैठक खत्म, लिए गए कई अहम निर्णय    |    CG Accident : अनियंत्रित होकर पेड़ से टकराई तेज रफ्तार कार, युवक-युवती की मौके पर ही मौत, 3 की हालत गंभीर    |

CG - पूर्व विधानसभा अध्यक्ष के बेटे के साथ 58 लाख की धोखाधड़ी, आजाद चौक थाने में हुई FIR…

CG - पूर्व विधानसभा अध्यक्ष के बेटे के साथ 58 लाख की धोखाधड़ी, आजाद चौक थाने में हुई FIR…
Share

 रायपुर।  पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गौरी शंकर अग्रवाल के बेटे नितिन अग्रवाल के साथ 50 लाख रुपयों से अधिक की धोखाधड़ी की गई है। शातिर ठगों ने उनके फेडरल बैंक खाते से तीन अलग-अलग ट्रांजैक्शन के माध्यम से 58 लाख रुपये अन्य अज्ञात खातों में अनधिकृत रूप से ट्रांसफर कर दिए। इस मामले में नितिन ने आजाद चौक थाने में FIR दर्ज कराई है।

दर्ज शिकायत के मुताबिक, नितिन अग्रवाल ने पुलिस को बताया कि यह वाकया 8 सितंबर 2025 को दोपहर 2 बजे से शाम 4 बजे के बीच हुआ। पूरी राशि उनके ज्ञान या अनुमति के बिना खाते से निकाली गई। जैसे ही उन्हें यह पता चला, उन्होंने तुरंत आजाद चौक थाना में फेडरल बैंक जीई रोड ब्रांच और इस प्रकरण में शामिल अज्ञात आरोपी बैंक कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के लिए आवेदन किया।

नितिन अग्रवाल ने पुलिस को बताया कि पहले ट्रांजैक्शन में उनके खाते से 29,00,000, दूसरे में 18,05,000 और तीसरी बार में 11,00,000 रुपये अन्य खातों में भेजे गए। शिकायत के आधार पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 318(4) के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस अब अज्ञात आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए जांच में जुटी है। बैंक खातों और लेन-देन का विश्लेषण कर यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि धोखाधड़ी कैसे की गई और इसमें कौन शामिल था।



Share

Leave a Reply