CG : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में जशपुर में सिंचाई सुविधाओं का विस्तार, किसानों को मिलेगी बड़ी सौगात    |    नेपाल-तिब्बत सीमा की बाढ़ में भाजपा नेता की बेटी समेत छत्तीसगढ़ की तीन महिलाएं लापता    |    बहनों का स्नेह और आशीर्वाद मेरे लिए अनमोल : मुख्यमंत्री साय    |    लोकतंत्र सेनानियों का त्याग नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा है : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय    |    BREAKING : बंगाल का नया CM- शुभेंदु अधिकारी होंगे प. बंगाल के नए सीएम- अमित शाह ने किया सीएम का एलान    |    BREAKING NEWS : देखिए लाल किले के पास हुए बम धमाके की खौफनाक तस्वीरें, 8 लोगों की मौत    |    Breaking : 1 नवंबर को सभी स्कूल – कॉलेजों में रहेगी छुट्टी, आदेश जारी    |    BIG BREAKING : सी.पी. राधाकृष्णन होंगे भारत के नए उपराष्ट्रपति    |    साय कैबिनेट की बैठक खत्म, लिए गए कई अहम निर्णय    |    CG Accident : अनियंत्रित होकर पेड़ से टकराई तेज रफ्तार कार, युवक-युवती की मौके पर ही मौत, 3 की हालत गंभीर    |

समूह की चार स्वच्छता सखियों ने बदल दी ग्राम पंचायत की तस्वीर

समूह की चार स्वच्छता सखियों ने बदल दी ग्राम पंचायत की तस्वीर
Share

 ग्राम पंचायत बुड़ार में स्वच्छता की अलख जगाकर बनीं प्रेरणा स्रोत

रायपुर, 07 मार्च 2026 :- महिलाओं ने यह सिद्ध कर दिया है कि यदि मन में दृढ़ संकल्प हो, एकता हो और समाज के लिए कुछ करने की भावना हो, तो सकारात्मक परिवर्तन अवश्य लाया जा सकता है। आज कोरिया जिले  के अंजनि, हीरा मनी, लीलावती और मित्तल अपने गाँव में स्वच्छता की एक मिसाल बन चुकी हैं और अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा का स्रोत हैं। इनका यह कार्य स्वच्छ भारत मिशन के  उद्देश्यों को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उनकी मेहनत यह संदेश देती है कि संकल्प, सहयोग और निरंतर प्रयास से गाँव को स्वच्छ और सुंदर बनाया जा सकता है।

समूह की चार स्वच्छता सखियों ने बदल दी ग्राम पंचायत की तस्वीर

कोरिया जिले में जनपद बैकुंठपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत बुडार की चार महिलाएँ अपने अथक समर्पण, मेहनत और एकजुटता के कारण पूरे क्षेत्र के लिए प्रेरणा बन चुकी हैं। ग्राम पंचायत में रहने वाली अंजनि, हीरा मनी, लीलावती और मित्तल ने ग्राम पंचायत में प्रेरणा का एक नया माहौल बनाया है। ये महिलाएँ पिछले लगभग तीन वर्षों से स्वच्छता दीदी के रूप में लगातार कार्य कर रही हैं और गाँव को स्वच्छ एवं स्वस्थ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

समूह की चार स्वच्छता सखियों ने बदल दी ग्राम पंचायत की तस्वीर

सप्ताह में दो बार करती हैं कचरा कलेक्शन

स्वच्छता दीदी बनकर ये महिलाएँ सप्ताह में दो दिन बुधवार और शनिवार को गाँव के घर-घर जाकर कचरा संग्रहण का कार्य करती हैं तथा ग्रामीणों को स्वच्छता के महत्व के बारे में जागरूक करती हैं। वे लोगों को समझाती हैं कि गीला और सूखा कचरा अलग-अलग रखने से गाँव स्वच्छ रहता है और कचरे का सही प्रबंधन संभव होता है।

चुनौती से मानक तक का सफर

कार्य के प्रारंभिक दिनों में इन्हें कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा। गाँव के बहुत से लोग कचरा अलग-अलग देने के लिए तैयार नहीं थे और स्वच्छता के प्रति जागरूकता भी कम थी। लेकिन इन महिलाओं ने धैर्य, मेहनत और निरंतर प्रयास से घर-घर जाकर लोगों को समझाया। धीरे-धीरे ग्रामीणों की सोच में सकारात्मक बदलाव आया और अब गाँव के प्रत्येक रहवासी नियमित रूप से कचरा देने लगे हैं। जिससे गांव में स्वच्छता का माहौल बना है।

छोटे-छोटे प्रयास बड़े परिणाम

अंजनि, हीरा मनी, लीलावती और मित्तल ने बताया कि प्रशासन के सहयोग से उन्हें कबाड़ी का काम करने वाले व्यवसायी से भी जोड़ा गया, जिससे वे सूखे कचरे जैसे प्लास्टिक, कागज और अन्य पुनर्चक्रण योग्य सामग्री को बेचकर अतिरिक्त आय प्राप्त कर रही हैं। इस कार्य से प्रत्येक महिला को लगभग 2 से 3 हजार रुपए प्रति माह की आय प्राप्त होती है। अब तक ये चारों महिलाएँ मिलकर लगभग 2.5 लाख से अधिक की आय अर्जित कर चुकी हैं, जिससे उनके परिवारों की आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ है और उनमें आत्मनिर्भरता की भावना भी बढ़ी है। इन महिलाओं की सबसे बड़ी ताकत उनकी आपसी एकता और संगठन है, जिसके कारण वे मिल-जुलकर अपने कार्य को सफलतापूर्वक आगे बढ़ा रही हैं।

अब ई-रिक्शा से ले रही हैं काम

इनके लगातार प्रयासों और उत्कृष्ट कार्यों को देखते हुए मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय द्वारा इन महिलाओं को एक ई-रिक्शा भी प्रदान किया गया है, जिससे उन्हें कचरा संग्रहण के कार्य में काफी सुविधा मिल रही है। इस ई-रिक्शा के माध्यम से अब वे आसानी से घर-घर से कचरा एकत्र कर पाती हैं और अपने कार्य को और अधिक प्रभावी तरीके से कर रही हैं। इन महिलाओं ने मुख्यमंत्री  साय के प्रति आभार प्रकट करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के सुशासन से हम महिलाएं सशक्त हुई हैं.



Share

Leave a Reply