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हरेली सहित पांच त्योहारों में सरकारी छुट्टी घोषित, सीएम बघेल ने की घोषणा

हरेली सहित पांच त्योहारों में सरकारी छुट्टी घोषित, सीएम बघेल ने की घोषणा
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रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने छत्तीसगढिय़ा भावना को ध्यान में रखते हुए हरेली सहित पांच त्योहारों में सरकारी छुट्टी घोषित की गई है। भूपेश बघेल लोकवाणी की 20वीं में आदिवासी अंचलों की अपेक्षाएं और विकास विषय पर प्रदेशवासियों से बातचीत करते हुए सबसे पहले छत्तीसगढ़ी में प्रदेशवासियों को पारंपरिक हरेली तिहार की बधाई और शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ी संस्कृति के अनुसार हरेली साल का पहला त्योहार है। इस दिन अपने गांव-घर, गौठान को लीप-पोत कर तैयार किया जाता है। गौमाता की पूजा की जाती है।
भूपेश बघेल ने विश्व आदिवासी दिवस की बधाई देते हुए कहा कि हमारी सरकार बनने के बाद प्रदेश में पहली बार विश्व आदिवासी दिवस 9 अगस्त को सार्वजनिक अवकाश घोषित किया गया है। इससे सभी लोगों को आदिवासी समाज की परंपराओं, संस्कृतियों और उनके उच्च जीवन मूल्यों को समझने का अवसर मिला है। मुख्यमंत्री बघेल ने पांच त्योहारों में छुट्टी की जानकारी देने के बाद प्रदेशवासियों को अगस्त माह में आने वाले त्योहार हरेली, नागपंचमी, राष्ट्रीय पर्व स्वतंत्रता दिवस, ओणम, राखी, कमरछठ और कृष्ण जन्माष्टमी की भी बधाई दी। मुख्यमंत्री ने कोरोना की तीसरी लहर को लेकर सभी से बहुत सावधान रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि पर्व-त्योहार मनाते समय फिजिकल डेस्टेंसिंग का पालन करें, मास्क का उपयोग करें, हाथ को साबुन-पानी से धोते रहें तथा टीका जरूर लगवाएं। खुद को बचाए रखना ही सबसे जरूरी उपाय है।
प्रदेश में 14 हजार 580 शिक्षक-शिक्षिकाओं की नियुक्ति
बघेल ने बताया कि शिक्षा के लिए हमने संकटग्रस्त क्षेत्रों पर ज्यादा फोकस किया। जिसके कारण सुकमा जिले के जगरगुंडा में 13 वर्षों से बंद स्कूल बीते साल खुल चुका है। कुन्ना में स्कूल भवन का पुनर्निर्माण तथा दंतेवाड़ा जिले के मासापारा-भांसी में भी 6 सालों से बंद स्कूल अब खुल गया है। कोरोना काल में पढ़ाई तुंहर पारा अभियान के तहत लाखों बच्चों को उनके गांव-घर-मोहल्लों में खुले स्थानों पर भी पढ़ाया गया। प्रारंभिक कक्षाओं में बच्चों को मातृभाषा में समझाना अधिक आसान होता है इसलिए हमने 20 स्थानीय बोली-भाषाओं में पुस्तकें छपवाईं, जिसका लाभ आदिवासी अंचलों में मिला। बीस साल बाद प्रदेश में 14 हजार 580 शिक्षक-शिक्षिकाओं की नियुक्ति आदेश दे दिए गए हैं। इससे आदिवासी अंचलों में भी शिक्षकों की कमी स्थायी रूप से दूर हो जाएगी।
 



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