जगदलपुर | भाजपा के पूर्व कैबिनेट मंत्री केदार कश्यप ने कहां कि प्रदेश में नमक की कमी के लिए कांग्रेस की भूपेश सरकार सीधे तौर पर जिम्मेदार है। कोरोना संक्रमण काल में जनता की परेशानी कम करनेे के स्थान पर नमक जैसी आवश्यक वस्तुओंं की कमी का वातावरण बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए राशन की दुकानों में उपलब्ध नमक को खुले बाजारों में बेचकर राशन की दुकानों में नमक उपलब्ध नहीं करवाकर नमक की कमी का वातावरण बनाकर आम जनता को परेशान करने का काम किया जा रहा है। उन्होंने सीधा आरोप लगाते हुए कहा कि मार्च के महीने में नमक का स्टॉक वेयर हाउस में समाप्त हो गया था, और सरकार सोती रही। जिसके कारण पिछलेे दो महीने से राशन की दुकानों पर नमक उपलब्ध नहीं होने से बाजार में नमक की कालाबाजारी शुरू हो गई। हालात इतने बद्तर है कि दस रूपये का नमक पचास रूपये में बिक रहा है।
श्री कश्यप ने कहा कि उचित मूल्य की दुकानों पर विगत दो महीनों से नमक की उपलब्धता बंद करवाकर बाजार में यह अवधारणा बनाई गई कि प्रदेश में नमक की आवक नहीं हो रही है, जिसके कारण देखते ही देखते पूरे प्रदेश में नमक की किल्लत का वातावरण बन गया। जिसका सबसे ज्यादा खामियाजा ग्रामीण क्षेत्रों की जनता को उठाना पड़ा है, जहां लोगों को दस रूपये के नमक को पचास रूपये में खरीदना पड़ रहा है।
उन्होने कहा कि नमक की इस कालाबाजारी के लिए प्रदेश की कांग्रेस सरकार अपनी विफलता का ठीकरा व्यापारियों पर फोड़ रही है। जबकि यह सरकार के नाकारापन की नाकामी का परिणाम है। इसके बावजूद व्यापारी संगठनों से चर्चा कर इस समस्या के समाधान का मार्ग प्रशस्त किया जा सकता था। लेकिन कांग्रेस की सरकार ऐसा नहीं कर व्यापारियों को जेल में डालने और उनके दूकानों को सील करने में लगी हुई है। सरकार की गलत नीतियों एवं लापरवाही के कारण व्यापारी और आम जनता दोनों परेशान है। जब वेयर हाउस में राशन दुकान के लिए नमक और चना का स्टाक मार्च के महिने में समाप्त हो गया था, तो किसने टेंडऱ के लिए रोका था। अन्यथा क्या कारण है कि पूरे देश में कहीं भी नमक की कमी या अन्य किसी खाद्य पदार्थों की कमी का मामला सामने नहीं आया है, सिर्फ छत्तीसगढ़ प्रदेश में ही नमक से लेकर खाद्य पदार्थों के दाम की कीमत बढऩे और कमी देखने को मिल रही है।
कोरोना संक्रमण लॉक डाउन के दौरान केंद्र की भाजपा सरकार ने पूरी व्यवस्था प्रदेश की सरकारों को खाद्य पदार्थों की कमी नहीं होने देने के लिए विशेष ट्रेन सेवाओं की व्यवस्था कर खाद्य पदार्थोंं की आपूर्ति कर रही है। वहीं प्रदेश में कांग्रेस की सरकार दो महिने पहले वेयर हाउस में नमक का स्टाक समाप्त होने के बाद भी सोती रही सरकार की लापरवाही का परिणाम छत्तीसगढ़ की जनता और व्यापारियों को भुगतान करना पड़ रहा है।