राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उइके ने लिखा प्रदेश के सभी विश्वविद्यालय के कुलपतियों को पत्र, जाने क्या कुछ है खास
रायपुर। खबर मिल रही है की राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उइके ने प्रदेश के सभी विश्वविद्यालय के कुलपतियों को कोरोना वायरस (कोविड-19) से बचाव के संबंध में एक पत्र लिखा है, जिसमें उन्होंने विश्वविद्यालय-महाविद्यालयों के छात्रों के माध्यम से आम जनता को जागरूक करने को कहा है।
जानिए क्या है पत्र में-
उन्होंने पत्र में लिखा है कि इस समय देश एवं प्रदेश नोबेल कोरोना वायरस (कोविड-19) के संक्रमण के कारण उत्पन्न महामारी एवं विषम परिस्थितियों से गुजर रहा है। सम्पूर्ण प्रदेश को लॉकडाउन किया जा चुका है। नोबेल कोरोना वायरस (कोविड-19) के विस्तार को रोके जाने हेतु यही एकमात्र साधन है इसके लिए राष्ट्र एवं राज्य स्तर पर मिल कर विशेष प्रयास किये जा रहे हैं।
सोशल डिस्टेसिंग एकमात्र प्रभावी उपाय-
बता दे की राज्यपाल ने कोरोना वायरस से बचाव के लिए सोशल डिस्टेसिंग को एकमात्र प्रभावी उपाय बताया है और कहा है कि हाथों को नियमित रूप से धोना एवं सेनेटाईज किये जाने से इस बीमारी से बचा जा सकता है। उन्होंने कहा है,-मैं चाहूंगी कि सभी विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय के छात्रों को, कुलपति होने के नाते विश्वविद्यालय से संबंद्ध सभी छात्र-छात्राओं सहित सभी प्राध्यापकों, अधिकारियों, कर्मचारियों को कोरोना वायरस कोविड-19 के रोकथाम के लिए मैसेज, ई-मेल, आदि के माध्यम से भेज कर अपील करें और इस लॉकडाउन की स्थिति में शासन द्वारा जारी किये गये निर्देशों एवं गाईडलाईन के पालन हेतु जागरूक करें।
-राज्यपाल ने कहा है कि विश्वविद्यालय द्वारा यह भी प्रयास किया जाए कि न केवल छात्र-छात्राओं को स्वयं इसका पालन करना है अपितु छात्र-छात्राओं के माध्यम से दूसरों को भी नियमों का पालन कराने के लिए प्रेरित किया जाए। इस कार्य में आधुनिक संचार सुविधाओं जैसे व्हाट्सएप्प, एस.एम.एस, ईमेल आदि के माध्यम से जनजागृति के लिए प्रयास किया जाए।
-राज्यपाल ने कहा है कि नोबेल कोरोना वाइरस कोविड-19 से बचाव एवं इसके विस्तार को रोकने के लिए हम सभी को मिलकर यथासंभव प्रयास किया जाना होगा तभी इस महामारी से बचने में सफलता प्राप्त हो सकती है। उन्होंने आशा जताई है कि विश्वविद्यालय छात्र-छात्राओं के माध्यम से आमजनों में जागरूकता लाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।




