CG : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में जशपुर में सिंचाई सुविधाओं का विस्तार, किसानों को मिलेगी बड़ी सौगात    |    नेपाल-तिब्बत सीमा की बाढ़ में भाजपा नेता की बेटी समेत छत्तीसगढ़ की तीन महिलाएं लापता    |    बहनों का स्नेह और आशीर्वाद मेरे लिए अनमोल : मुख्यमंत्री साय    |    लोकतंत्र सेनानियों का त्याग नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा है : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय    |    BREAKING : बंगाल का नया CM- शुभेंदु अधिकारी होंगे प. बंगाल के नए सीएम- अमित शाह ने किया सीएम का एलान    |    BREAKING NEWS : देखिए लाल किले के पास हुए बम धमाके की खौफनाक तस्वीरें, 8 लोगों की मौत    |    Breaking : 1 नवंबर को सभी स्कूल – कॉलेजों में रहेगी छुट्टी, आदेश जारी    |    BIG BREAKING : सी.पी. राधाकृष्णन होंगे भारत के नए उपराष्ट्रपति    |    साय कैबिनेट की बैठक खत्म, लिए गए कई अहम निर्णय    |    CG Accident : अनियंत्रित होकर पेड़ से टकराई तेज रफ्तार कार, युवक-युवती की मौके पर ही मौत, 3 की हालत गंभीर    |

राज्यपाल उइके ने छत्तीसगढ़ अनधिकृत विकास का नियमितिकरण (संशोधन) विधेयक 2022 पर किए हस्ताक्षर

राज्यपाल उइके ने छत्तीसगढ़ अनधिकृत विकास का नियमितिकरण (संशोधन) विधेयक 2022 पर किए हस्ताक्षर
Share

 रायपुर। राज्यपाल अनुसुईया उइके ने छत्तीसगढ़ अनधिकृत विकास का नियमितिकरण अधिनियम 2002 (क्र. 21 सन् 2002) में संशोधन के लिए प्रस्तुत विधेयक पर हस्ताक्षर किए हैं। छत्तीसगढ़ अनधिकृत विकास का नियमितिकरण (संशोधन) विधेयक 2022 के अनुसार छत्तीसगढ़ अनधिकृत विकास का नियमितिकरण अधिनियम 2002 (क्र. 21 सन् 2002) की धारा 04 की उपधारा (2) के खण्ड (पांच), मूल अधिनियम की धारा 6 की उप-धारा (1) में, मूल अधिनियम की धारा 7 की उप-धारा (1), मूल अधिनियम की धारा 9 की उप-धारा (2) तथा मूल अधिनियम की धारा 9 की उप-धारा (3) में संशोधन किया गया है।

विधेयक में छत्तीसगढ़ अनधिकृत विकास का नियमितिकरण अधिनियम 2002 के मूल अधिनियम की धारा 04 की उपधारा (2) के खण्ड (पांच) को प्रतिस्थापित करके नगर तथा ग्राम निवेश विभाग का जिले का प्रभारी अधिकारी/संयुक्त संचालक/उपसंचालक/सहायक संचालक किया गया हैै। अधिनियम के खण्ड(चार)(क) में निर्धारित प्रयोजन से भिन्न भूमि के उपयोग परिवर्तन करने पर उस क्षेत्र की भूमि के लिए वर्तमान में प्रचलित कलेक्टर गाईड लाईन दर का 5 प्रतिशत अतिरिक्त शास्ति लगाने का प्रावधान किया गया है। अधिनियम में प्रावधान किया गया है कि यदि अनधिकृत विकास निर्धारित पार्किंग हेतु आरक्षित भूखण्ड / स्थल पर किया गया हो, तो नियमितिकरण की अनुमति तभी दी जायेगी, जब आवेदक द्वारा पार्किंग की कमी हेतु निर्धारित अतिरिक्त शारित राशि का भुगतान कर दिया गया हो।



Share

Leave a Reply