भीषण गर्मी, लू से बचाव और प्रबंधन को लेकर दिशा-निर्देश जारी
महासमुंद। छत्तीसगढ़ राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के निर्देशों के तारतम्य में कलेक्टर सुनील कुमार जैन ने भीषण गर्मी एवं लू से बचाव एवं प्रबंधन के संबंध में दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इस संबंध में उन्होंने पुलिस अधीक्षक, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, भू-अभिलेख शाखा के प्रभारी अधिकारी, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, सभी अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), तहसीलदार, जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, नगरीय निकायों के मुख्य नगरपालिका अधिकारी तथा सभी जिला अधिकारियों को पत्र प्रेषित कर कहा है कि जिले में भीषण गर्मी एवं लू की घटना से जनहानि, पशुहानि की क्षति होती है। भारत सरकार द्वारा वर्तमान मे नोवेल कोरोना वायरस (कोविड-19) को दृष्टिगत रखते हुए क्या करें और क्या नहीं करें के संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश दिए गए हैं। जारी निर्देश के तहत नागरिकों को क्या करें और क्या ना करें के संबंध में जानकारी दी गई हैं। जिसमें नागरिकों को अधिकतर घर पर रहकर रेडियों सुनने, टीवी देखने, स्थानीय मौसम और कोविड-19 की स्थिति पर अद्यतन, परामर्श के लिए समाचार पत्र पढऩे की सलाह दी गई हैं। इसी प्रकार जितना हो सके पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं, मिर्गी, हृदय, गुर्दे या लीवर से सम्भावित रोग वाले जो तरल पदार्थ लेने से पहले डॉक्टर से परामर्श लें। हल्के रंग के ढीले सूती कपड़े पहनें। ओआरएस (ओरल रिहाइड्रेशन) घोल, घर का बना पेय लस्सी, (तोरानी चावल) का पानी, नींबू का पानी, छाछ आदि का अधिक से अधिक उपयोग करें, अनावश्यक बाहर जाने से बचे, यदि बाहर जाना आवश्यक है, तो अपने सिर पर (कपड़े, टोपी या छाता) और चेहरे को कवर करें, जहां तक संभव हो किसी भी सतह को छूने से बचें, अन्य व्यक्तियों से कम से कम एक मीटर की दूरी पर शारीरिक दूरी बनाए रखें, साबुन और पानी से बार-बार और ठीक से हाथ धोएं, साबुन और पानी उपलब्ध न हो तो हैंड सैनिटाइजर का उपयोग करें। घर के प्रत्येक सदस्य के लिए अलग-अलग तौलिये रखें इन तौलियों को नियमित रूप से धोएं।
अन्य सावधानियां-
अपने घर को ठंड़ा रखें, धूप से बचाव के लिए रात में पर्दे, शटर का उपयोग करें और खिड़कियां खोलें, निचली मंजिलों पर बने रहने का प्रयास करें, पंखों का उपयोग करें, कपड़ों को नम करें और अधिक गर्मी में ठंडे पानी में ही स्नान करें, यदि बीमारी महसूस होती है तो उच्च बुखार, लगातार सिर दर्द, चक्कर आना, मितली या भटकाव, लगातार खांसी, श्वांस की तकलीफ है तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं, जानवरों को छाया में रखें और उन्हें पीने के लिए भरपूर पानी दें।




