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कोविड-19 को लेकर नाक, कान और गला के सुरक्षित इलाज के लिए दिशा-निर्देश जारी

 कोविड-19 को लेकर नाक, कान और गला के सुरक्षित इलाज के लिए दिशा-निर्देश जारी
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रायपुर। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कोविड-19 महामारी के बीच नाक, कान और गला– ईएनटी (श्वहृञ्ज) के चिकित्सएकों को सुरक्षित रख़ने के दिशा-निर्देश जारी किये हैं।दिशानिर्देशों का उद्देश्य ईएनटी डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ, सहायक कर्मचारियों, रोगियों और उनके परिचारकों के बीच कोविड-19 संक्रमण के प्रसार को कम करना है।

ईएनटी ओपीडी में प्रवेश करने वाले सभी कर्मचारियों और रोगियों के संपर्क को कम करने के लिए थर्मल जांच की जाएगी। मंत्रालय ने कहा कोविड-19 या ईएनटी या श्वसन संबंधी लक्षणों वाले रोगियों को एक अलग कोविड-19 स्क्रीनिंग क्लिनिक में देखा जाना चाहिए। ईएनटी ओपीडी में प्रवेश करने पर, रोगियों के प्रवेश को विनियमित करने और मास्क, हाथ की स्वच्छता और सामाजिक दूरी का उपयोग सुनिश्चित करने के लिए सुझाव दिया गया है।

सीएमएचओ डॉ मीरा बघेल ने बताया जून और जुलाई महिने में प्रवासी श्रमिकों के आने का सिलसिला जारी रहने से कोरोना पॉजिटिव के मामले लगातार बढ रहे हैं। केंद्रीय स्वांस्य्मि मंत्रालय ने ईएनटी के डॉक्टोरों को अस्पशतालों में अतिरिक्त) सावधानियां बरतते हुए प्राटोकॉल का पालन करने की सलाह दी है। ओपीडी में एक समय में एक ही मरीज को देखना सुरक्षा की दृष्टि से जरुरी होगा। क्लिनिक में शारीरिक जांच की आवश्यकता वाले रोगियों की पहचान करने के लिए टेलीकॉन्सेलेशन को प्राथमिकता दी जाएगी।

निर्देश के अनुसार कोविड-19 सकारात्मक रोगियों को कोविद रोगियों के लिए नामित ऑपरेशन थिएटरों में केवल आपातकालीन संकेत के लिए संचालित किया जाना है।नियमित ओपीडी में एंडोस्कोपी करने से बचने का भी सुझाव दिया है, यह कहते हुए कि अगर यह प्रदर्शन करना है, तो इसे पीपीई किट के साथ अलग सीमांकित क्षेत्र में  किया जाना चाहिए।

नाक-कान व गला रोग विशेषज्ञ डॉ राकेश गुप्ता ने बताया कोविड-19 के संक्रमण से बचाव के लिए हाई रिस्क। श्रेणी में चिकित्सीकों को रखा गया है। इन क्लि निकों में सुरक्षात्मिक कदम उठाते हुए गाइडलाइंस में यह भी कहा गया है कि कोविद संदिग्ध रोगियों का इलाज कोविड-19 पॉजिटिव से अलग वार्ड में किया जाना चाहिए।मरीज की जांच कोविद निगेटिव स्थिति की पुष्टि के बाद ही उन्हें ईएनटी वार्ड (श्वहृञ्ज 2ड्डह्म्स्र) में स्थानांतरित कर इलाज किया जाना चाहिए। ईएनटी ओपीडी रूम अच्छी तरह हवादार होना चाहिए। ईएनटी डॉक्टरों को ओपीडी कक्ष में पीपीई किट (हृ95 मास्क, गाउन, दस्ताने, काले चश्मे / फेस शील्ड)पहनना चाहिए। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण द्वारा मानक प्रोटोकॉल के अनुसार मास्क, हाथ की स्वच्छता और सामाजिक दूरी उपयोग सुनिश्चित करें।नियमित ओपीडी में एंडोस्कोपी (नाक की एंडोस्कोपी, 90 कठोर या स्वरयंत्र के लिए लचीली एंडोस्कोपी) करने से बचें।

उन्हें कोविड-19 के लिए सख्त एहतियात करते हुए मास्क पहनना, सामाजिक दूरी और हाथ धोने की उपयुक्ते सुविधासुनिश्चित करें। हैंड सैनिटाइजेशन और सोशल डिस्टेंसिंग पोस्टर्स को वार्ड के कई क्षेत्रों में प्रदर्शित किया जाना चाहिए। रोगी के व्यक्तिगत सामान को कम से कम रखें। जांच उपकरणों को हर उपयोग के बाद मानक नसबंदी प्रोटोकॉल के अनुसार मेडिकल वेस्टम को डिस्पोंज करना चाहिए। वार्ड की उचित सफाई और कीटाणुशोधन के लिए वार्ड में न्यूनतम फर्नीचर होना चाहिए। ईएनटी वार्ड में हेड और एनईसीके सर्जरी वार्ड के लिए रोगी बेड के बीच कम से कम 2 मीटर की दूरी अनिवार्य है। स्वास्थ्य देखभाल कर्मी के लिए एन-95 मास्क, पीपीई किट (एन 95 मास्क और गाउन) और व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरणों क उपयोग जरुरी है। 


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