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ई-पास के लिए मारामारी: आमजनों का आरोप अधिकारीगण बिना पढ़े आवेदन कर रहे रिजेक्ट

ई-पास के लिए मारामारी: आमजनों का आरोप अधिकारीगण बिना पढ़े आवेदन कर रहे रिजेक्ट
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रायपुर। राजधानी रायपुर सहित प्रदेश के सभी जिलों में अब आवागमन के लिए ई-पास की मारामारी हो रही है। जिला प्रशासन द्वारा अधिकांश आवेदनों को निरस्त किए जाने से आमजनों में आक्रोश पनप रहा है। वहीं जिला प्रशासन का दावा है कि आवश्यक सेवाओं के लिए आने वाले आवेदनों पर त्वरित निर्णय लेते हुए ई-पास जारी किया जा रहा है। 
 
छत्तीसगढ़ में कोरोना संक्रमण काफी हद तक नियंत्रित हैं। राज्य में वर्तमान में केवल गिनती के ही मरीज बचे हुए हैं, और इनका भी बेहतर उपचार एम्स रायपुर में चल रहा है। वहीं दूसरी ओर संक्रमण के फैलाव को रोकने के लिए जारी लॉकडाउन के बीच आवश्यक कार्यों से आवागमन की सुविधा मुहैया कराने के लिए राज्य सरकार द्वारा कोविड-19, ई-पास सेवा मोबाइल एप लांच किया गया था। इस एप के माध्यम से अब तक हजारों जरूरतमंदों को राहत मिली है और उन्हें घर बैठे ही मेडिकल इमरजेंसी के लिए एक शहर से दूसरे शहर और दूसरे राज्यों में जाने की अनुमति भी मिली है। इस सेवा के माध्यम से मेडिकल आपातकाल, अंत्यंत आवश्यक कार्य जैसे निकटतम परिजनों के गंभीर रूप से अस्वस्थ्य होने, मृत्यु होने पर क्रियाकर्म में शामिल होने, वृद्ध माता-पिता की देखरेख करने जैसे कार्यों के लिए तत्काल निर्णय लेते हुए ऑनलाइन आवागमन की अनुमति दी गई है। हाल ही में एक निजी सेक्टर में कार्य करने वाले व्यक्ति को भी इसी तरह की अनुमति प्रदान की गई थी। जिसमें अंबिकापुर में रहने वाले उनके वृद्ध माता-पिता के पास किसी भी परिजन के न होने के चलते एकलौते पुत्र को तत्काल अनुमति प्रदान किया गया था। इसी तरह मेडिकल इमरजेंसी में दूसरे राज्य के बड़े अस्पताल में जाने के लिए भी अनुमति दी जा रही है। वहीं आमजन जो इस लॉकडाउन में फंसे हुए हैं उन्हें भी उचित कारण बताने पर आवागमनन की अनुमति दी जा रही है। लेकिन अधिकांशजनों का आरोप है कि उनके आवेदनों को बिना पढ़े ही रिजेक्ट किया जा रहा है। दूसरी ओर जिला प्रशासन का दावा है कि आवेदनों में किसी तरह का भेदभाव नहीं किया जा रहा है। निर्धारित मापदंडों और नियम-शर्तों के अनुसार आवश्यक प्रतीक होने पर आवेदनों पर चार घंटे के भीतर ऑनलाइन अनुमति प्रदान की जा रही है। इधर जिला प्रशासन तक रोजाना हजारों की संख्या में ई-पास के लिए आवेदन पहुंच रहा है। अधिकारी आवेदनों में उल्लेखित आवागमन के कारण को पढऩे के पश्चात ही अनुमति दे रहे हैं।


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