CG : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में जशपुर में सिंचाई सुविधाओं का विस्तार, किसानों को मिलेगी बड़ी सौगात    |    नेपाल-तिब्बत सीमा की बाढ़ में भाजपा नेता की बेटी समेत छत्तीसगढ़ की तीन महिलाएं लापता    |    बहनों का स्नेह और आशीर्वाद मेरे लिए अनमोल : मुख्यमंत्री साय    |    लोकतंत्र सेनानियों का त्याग नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा है : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय    |    BREAKING : बंगाल का नया CM- शुभेंदु अधिकारी होंगे प. बंगाल के नए सीएम- अमित शाह ने किया सीएम का एलान    |    BREAKING NEWS : देखिए लाल किले के पास हुए बम धमाके की खौफनाक तस्वीरें, 8 लोगों की मौत    |    Breaking : 1 नवंबर को सभी स्कूल – कॉलेजों में रहेगी छुट्टी, आदेश जारी    |    BIG BREAKING : सी.पी. राधाकृष्णन होंगे भारत के नए उपराष्ट्रपति    |    साय कैबिनेट की बैठक खत्म, लिए गए कई अहम निर्णय    |    CG Accident : अनियंत्रित होकर पेड़ से टकराई तेज रफ्तार कार, युवक-युवती की मौके पर ही मौत, 3 की हालत गंभीर    |

पिकनिक मनाना मस्ती करना पड़ा महंगा, हुआ हादसा.....

पिकनिक मनाना मस्ती करना पड़ा महंगा, हुआ हादसा.....
Share

कोरबा : क्या कोई गर्मी के सीजन में भी पिकनिक मनाता है, इसका जवाब नहीं में ही होगा। इसके बावजूद लोगों के अपने-अपने शौक होते हैं। इसी चक्कर में डेम के पास पिकनिक मनाने के दौरान मस्ती करना महंगा पड़ गया। बाघमारा डेम में एक किशोर के डूबने से आसपास के लोग सक्ते में आ गए। दूसरे दिन एसडीआरएफ को तलाश में लगाया गया है। अब तक खोज पूरी नहीं हो सकी है।

रजगामार पुलिस चौकी में इस घटना को लेकर सूचना दी गई है। चौकी प्रभारी एस के जोगी ने बताया कि यहां से कुछ ही दूरी पर डेम मौजूद है। सामान्य तौर पर ठंड के सीजन में यहां सैर सपाटा के लिए लोग पहुंचा करते हैं और बाकी सीजन में सन्नाटा पसरा रहता है। इसके बावजूद रविवार की शाम कोरबा के डिंगापुर इलाके से चार किशोर यहां पहुंचे थे। जैसा कि मालूम चला उनका उद्देश्य पिकनिक का था। संबंधित लोग उपरोक्त हिस्से को पार कर रहे थे। इस दौरान तीन किशोर खतरनाक हिस्से से पार हो गए जबकि उनका चौथा साथी 17 वर्षीय अश्वनी टोप्पो पिता संजय टोप्पो फंसने के साथ गिर गया। इस घटनाक्रम के दौरान उसने बचाव के लिए आवाज लगाई लेकिन उसके सहयोगी कुछ नहीं कर सके। उन्होंने आसपास में मौजूद अन्य लोगों को इसकी जानकारी दी। इसके बाद पुलिस को अवगत कराया गया। फौरी तौर पर यथासंभव प्रयास किये गए लेकिन कोई नतीजे नहीं आ सके।

पुलिस ने बताया कि मौके पर पानी की गहराई बहुत ज्यादा है और इस स्थिति में गैर तकनीकी ढंग से डेम में उतरना बेहद जोखिम भरा हो सकता है। इसलिए टेक्निकली टीम जरूरी है। एसडीआरएफ टीम को हमने सूचना दी थी जिसके बाद वह यहां पहुंची है। तकनीकी उपकरणों के साथ यहां पर बचाव कार्य शुरू किया गया है। जब तक अंतिम नतीजे नहीं आ जाते कुछ नहीं कहा जा सकता।

ग्रामीण बताते हैं कि माड़ा का पारिभाषिक शब्द उस स्थान से होता है जो रहवास के तौर पर उपयोग में आता है। ग्रामीण क्षेत्र में जानवरों की पहुंच वाली जगह के परिप्रेक्ष्य में इसे प्रयुक्त किया जाता है। लोगों ने सुन रखा है कि वर्षों पहले इस जगह पर बाघ आते थे और यहां पर उनका बसेरा हुआ करता था। इसलिए इसका नाम हो गया बाघमारा। समय और परिस्थितियों के साथ कई प्रकार के बदलाव हुए इसलिए काफी समय से बाघों को यहां पर नहीं देखा गया है। यह बात जरूर है कि हाथियों की मौजूदगी यहां तक होती रही है और घटनाएं भी हुई हैं। इसलिए लोगों को सतर्क किया गया है। इन सबके बावजूद बेजा दखल और अति उत्साह के कारण अप्रिय घटनाएं होती हैं।

 



Share

Leave a Reply