पैरोल में रिहा कैदियो के लिए उच्च न्यायलय ने जारी किया आदेश, देखें क्या कहा...
रायपुर । छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने आदेश दिया कि कोरोनकाल के कारण पैरोल और अग्रिम जमानत पर रिहा किये गए कैदियों के जेल वापसी से पहले आरटी-पीसीआर परीक्षण अनिवार्य रूप से करवाना होगा। वहीं उच्च न्यायालय ने पहले ही जेल वापसी कर चुके कैदियों का भी आरटी-पीसीआर टेस्ट करवाने का भी आदेश दिया है। हाइकोर्ट द्वारा नियुक्त एमिकस क्यूरी प्रफुल्ल भारत ने कहा कि चीफ जस्टिस पीआर रामचंद्र मेनन और जस्टिस पार्थ प्रीतम साहू ने ये फैसला सुनाया। डिवीज़न बेंच ने कहा कि अगर कैदी को टेस्ट में सकारात्मक पाया जाता है, तो उसे कोविड केंद्र भेजने की व्यवस्था की जाए। सुनवाई के दौरान, राज्य के वकील ने युगलपीठ को बताया कि जिन कैदियों ने अब तक पैरोल के बाद जेल वापसी की है शासन ने उनका एंटीजन टेस्ट किया है। सुनवाई के दौरान, न्यायाधीशों ने कहा कि एंटीजन टेस्ट हमेशा सही नहीं होता है। सभी कैदियों का आरटी-पीसीआर टेस्ट ही होना चाहिए। बता दे उच्च न्यायालय ने जेलों में भीड़भाड़ को कम करने के लिए कैदियों को पैरोल पर रिहा करने से संबंधित सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के बाद 31 दिसंबर तक कैदियों की पैरोल को बढ़ा दिया था। इसी बीच, पैरोल में छूट कैदियों में से एक जय जायसवाल ने पैरोल की अवधि बढ़ाने के लिए पिछले साल 31 दिसंबर से पहले उच्च न्यायालय में एक आवेदन दायर किया था लेकिन छुट्टियों के कारण उसपर कोई सुनवाई नहीं हो सकी। जायसवाल ने तब उच्चतम न्यायालय का दरवाजा खटखटाया, जिसने उच्च न्यायालय को जायसवाल की अर्जी पर सुनवाई करने का आदेश दिया था।




