CG : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में जशपुर में सिंचाई सुविधाओं का विस्तार, किसानों को मिलेगी बड़ी सौगात    |    नेपाल-तिब्बत सीमा की बाढ़ में भाजपा नेता की बेटी समेत छत्तीसगढ़ की तीन महिलाएं लापता    |    बहनों का स्नेह और आशीर्वाद मेरे लिए अनमोल : मुख्यमंत्री साय    |    लोकतंत्र सेनानियों का त्याग नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा है : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय    |    BREAKING : बंगाल का नया CM- शुभेंदु अधिकारी होंगे प. बंगाल के नए सीएम- अमित शाह ने किया सीएम का एलान    |    BREAKING NEWS : देखिए लाल किले के पास हुए बम धमाके की खौफनाक तस्वीरें, 8 लोगों की मौत    |    Breaking : 1 नवंबर को सभी स्कूल – कॉलेजों में रहेगी छुट्टी, आदेश जारी    |    BIG BREAKING : सी.पी. राधाकृष्णन होंगे भारत के नए उपराष्ट्रपति    |    साय कैबिनेट की बैठक खत्म, लिए गए कई अहम निर्णय    |    CG Accident : अनियंत्रित होकर पेड़ से टकराई तेज रफ्तार कार, युवक-युवती की मौके पर ही मौत, 3 की हालत गंभीर    |

अबूझमाड़ की दुर्गम पहाड़ियों काे लांघकर पहली बार राशन पहुँचा हितुल

अबूझमाड़ की दुर्गम पहाड़ियों काे लांघकर पहली बार राशन पहुँचा हितुल
Share

 नारायणपुर। बस्तर के अबूझमाड़ की दुर्गम पहाड़ियों और घने जंगलों के बीच ओरछा विकासखंड के थुलथुली पंचायत का आश्रित ग्राम हितुल लंबे समय से बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहा था। सबसे बड़ी चुनौती थी, सार्वजनिक वितरण प्रणाली का लाभ ग्रामीणाें तक पहुँचाना। ग्रामीणों को राशन के लिए ओरछा तक दुर्गम रास्तों से होकर जाना पड़ता था, जो बुजुर्गों और महिलाओं के लिए किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं था। नारायणपुर कलेक्टर नम्रता जैन की विशेष पहल पर प्रशासन ने इस बाधा को पार कर दिखाया। पहली बार दुर्गम रास्तों को बनाते हुए ट्रैक्टरों के माध्यम से राशन सीधे गांव तक पहुंचाया गया। गांव में ही आयोजित 'चावल उत्सव' के दौरान जब राशन का वितरण शुरू हुआ, तो ग्रामीणों के चेहरों पर संतोष और खुशी की लहर दौड़ गई।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के 'सुशासन' और जिला प्रशासन की संवेदनशीलता के फलस्वरूप, अब हितुल के ग्रामीणों को चांवल के लिए 30 किलोमीटर का जोखिम भरा पैदल सफर नहीं करना होगा।गांव के 271 राशन कार्डधारी परिवारों को अब गांव में ही खाद्यान्न मिलेगा। इससे 30 किमी. पैदल चलने की मजबूरी और समय की बर्बादी पूरी तरह खत्म हो गई है।

जिला खाद्य अधिकारी अलाउद्दीन खान ने बताया कि प्रशासन का लक्ष्य केवल राशन पहुंचाना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है, कि भौगोलिक चुनौतियां विकास के रास्ते में बाधा न बनें। हितुल में राशन की यह 'दस्तक' इस बात का प्रमाण है कि अबूझमाड़ अब मुख्यधारा से जुड़ने के लिए तैयार है।



Share

Leave a Reply