जिले में पैरोल पर छुटे बदमाशों ने की हैवानियत, पुलिस ने किया गिरफ्तार
कोरबा | कोरोना के कारण पेरोल पर छोड़े गए अपराधियों ने नशे की अवस्था में एक बार फिर महिला को अपना शिकार बनाते हुए हैवानियत की हदें पार कर दी। महिला पर पहले बर्बरतापूर्वक हथौड़े से वार किया, साथ ही लूटपाट करते हुए दुष्कर्म की घटना को भी अंजाम दिया। पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए कुछ घंटों के अंदर ही फरार हो गए दोनों आरोपियों को खरमोरा से धरदबोचा।
एमपी नगर के अटल आवास में सोमवार की सुबह 10 बजे उस वक्त सनसनी फैल गई, जब आसपास के लोगों ने घर के अंदर से एक महिला की कराहने की आवाज सुनी। बाहर से कुंडी लगा हुआ था। माजरा समझते देर नहीं लगा। कुछ लोग भाग कर दरवाजा खोल अंदर पहुंचे, तो देखा महिला खून से लथपथ थी और हाथ-पैर स्कार्फ से बंधे हुए थे। घर की सामग्री बिखरी हुई थी। किसी तरह महिला को मौके पर पहुंची 112 की टीम ने जिला अस्पताल भेजा। पुलिस को उसने बताया कि उसके घर के ऊपर रहने वाला कासिब खान व पवन चौरसिया रात को नशे की अवस्था में दरवाजा तोड़ कर अंदर घुस आए और सीधे गला पकड़ कर रुपये व घर में रखे कीमती सामानों को मांगने लगे। मैंने कहा कि मेरे पास न तो रुपये हैं और न ही जेवर। इसके बाद भी वे नहीं माने और मेरी पिटाई करने लगे। पुलिस को दिए गए बयान में पीडि़ता ने बताया, कि उसके सिर पर हथौड़ा से वार करने के साथ घर में रखे स्कार्फ से उसका हाथ-पैर बांध दिया। कासिब ने उसके साथ दुष्कर्म किया। बेहद गंभीर बात यह है कि केवल 150 रुपये व कुछ घरेलू सामान हाथ लगे, पर उसे भी लेकर आरोपित चंपत हो गए। अविवाहित पीडि़ता खुद किसी तरह एक दुकान में काम कर जीविका चलाती है। ऐसे में उस पर हमला कर घर से राशन, इंडक्शन व प्रेस लूट कर ले जाने की घटना ने सबको चौंका दिया है। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस हरकत में आ गई और आरोपितों की तलाश में जुट गई। पुलिस की मेहनत रंग लाई और शाम होते तक दोनों अपराधी पकड़े गए। पुलिस का कहना है कि आरोपित नशे के लिए प्रतिबंधित दवा का इस्तेमाल करते हैं।
पीडि़ता के घर से दो पुराना मोबाइल भी चोर अपने साथ ले भागे थे। आरोपित कासिब खान दो मोबाइल उपयोग कर रहा था, जिसमें एक मोबाइल घर पर मिला। उसकी मां ने जानकारी दी कि एक अन्य मोबाइल उसके पास है। पुलिस ने उस नंबर को ट्रेस किया और जैसे ही मोबाइल अपराधी ने शुरू की, लोकेशन खरमोरा दिखाया। बस फिर क्या था पुलिस की टीम खरमोरा क्षेत्र को खंगालने में जुट गई और एक स्थान पर छिपकर बैठे दोनों आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपितों के परिवार की भी आर्थिक स्थिति बेहद खराब है।
अब होगी निगरानी
जिला व उपजेल कटघोरा में निरुद्ध कुल 62 बंदियों को कोरोना संक्रमण की आशंका को मद्देनजर रखते हुए पेरोल पर रिहा किया गया है। इनमें ये दोनों आरोपित भी शामिल हैं। जिस ढंग से इन अपराधियों ने घटना को अंजाम दिया है, उससे पेरोल पर छोड़े गए बंदियों को लेकर चिंता बढ़ गई है। बताया जा रहा है कि 31 मई को पेरोल अवधि समाप्त होगी, उसके बाद सभी को वापस जेल जाना होगा। पुलिस को पेरोल में छूटे बंदियों की विशेष निगरानी करनी होगी।




