CG : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में जशपुर में सिंचाई सुविधाओं का विस्तार, किसानों को मिलेगी बड़ी सौगात    |    नेपाल-तिब्बत सीमा की बाढ़ में भाजपा नेता की बेटी समेत छत्तीसगढ़ की तीन महिलाएं लापता    |    बहनों का स्नेह और आशीर्वाद मेरे लिए अनमोल : मुख्यमंत्री साय    |    लोकतंत्र सेनानियों का त्याग नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा है : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय    |    BREAKING : बंगाल का नया CM- शुभेंदु अधिकारी होंगे प. बंगाल के नए सीएम- अमित शाह ने किया सीएम का एलान    |    BREAKING NEWS : देखिए लाल किले के पास हुए बम धमाके की खौफनाक तस्वीरें, 8 लोगों की मौत    |    Breaking : 1 नवंबर को सभी स्कूल – कॉलेजों में रहेगी छुट्टी, आदेश जारी    |    BIG BREAKING : सी.पी. राधाकृष्णन होंगे भारत के नए उपराष्ट्रपति    |    साय कैबिनेट की बैठक खत्म, लिए गए कई अहम निर्णय    |    CG Accident : अनियंत्रित होकर पेड़ से टकराई तेज रफ्तार कार, युवक-युवती की मौके पर ही मौत, 3 की हालत गंभीर    |

छत्तीसगढ़ में आज रात से बंद हो जाएंगी सैकड़ों फैक्ट्रियां...जानिए क्यों?

छत्तीसगढ़ में आज  रात से बंद हो जाएंगी सैकड़ों फैक्ट्रियां...जानिए क्यों?
Share

 रायपुर। बिजली दरों में 25 प्रतिशत बढ़ोतरी के विरोध में उद्योगपतियों ने मोर्चा खोल दिया है। उद्योगपतियों का कहना है कि महंगी बिजली के कारण उद्योगों के सामने एक बड़ा संकट पैदा हो गया है और इसके चलते 29 जुलाई की रात से सभी फैक्ट्रियां बंद कर दी जाएंगी। इन फैक्ट्रियों में मिनी स्टील प्लांट और फेरो एलाय फैक्ट्रियां शामिल होंगी, जिनकी संख्या करीब 200 है।

मुख्यमंत्री से मुलाकात की तैयारी

उद्योगपति सोमवार को इस मामले में मुख्यमंत्री से मुलाकात करेंगे। छत्तीसगढ़ स्पंज आयरन एसोसिएशन के अध्यक्ष अनिल नचरानी ने बताया कि बिजली दर में बढ़ोतरी उनके लिए एक बड़ी समस्या बन गई है। इससे उद्योगों की उत्पादन लागत काफी बढ़ गई है, और हर उद्योग को 25 लाख से लेकर 2.5 करोड़ तक का अतिरिक्त खर्च करना पड़ रहा है।

अर्थव्यवस्था और बेरोजगारी पर प्रभाव

नचरानी ने कहा कि फैक्ट्रियां बंद होने से प्रदेश की अर्थव्यवस्था और बेरोजगारी पर भी असर पड़ेगा। सीएसपीडीसीएल का 60 प्रतिशत लोड उद्योगों द्वारा ही आता है। उन्होंने बताया कि बिजली की महंगी दर से निजात दिलाने के लिए छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड (सीएसपीडीसीएल) को पत्र भी लिखा गया है।

पिछले 15 दिनों से उद्योगों को परेशानी

उद्योगपतियों का कहना है कि पिछले 15 दिनों से उन्हें यह परेशानी झेलनी पड़ रही है। इस संबंध में अधिकारियों और मंत्रियों से भी मुलाकात की जा चुकी है, लेकिन केवल आश्वासन ही मिला है। प्रदेश में करीब 850 से अधिक इस्पात उद्योग हैं और ओडिशा के बाद यह देश का दूसरा सबसे बड़ा इस्पात उत्पादक राज्य है।

सरकार को राजस्व का नुकसान

बिजली की दरों में बढ़ोतरी के चलते उद्योग बाहरी राज्यों से प्रतिस्पर्धा नहीं कर पा रहे हैं। फैक्ट्रियों के बंद होने से सरकार को भी राजस्व का नुकसान होगा। वर्तमान में स्टील उद्योग बाजार की मंदी से जूझ रहे हैं और महंगी बिजली की दरों ने हालत और भी खराब कर दी है।



Share

Leave a Reply