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चरित्र शंका को लेकर पति ने पत्नी को लगाई आग, बेटी बचाने पहुंची तो दोनों को घर में बंद कर भागा पति

 चरित्र शंका को लेकर पति ने पत्नी को लगाई आग, बेटी बचाने पहुंची तो दोनों को घर में बंद कर भागा पति
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कोरबा। नानी के साथ रह रहे बेटे के बीमार होने पर देखने जा रही महिला पर शंका करते हुए पति ने उसकी पिटाई कर दी। फिर उसपर मिट्टी का तेल छिड़ककर आग लगा दी। दो दिन बाद परिचित घर पहुंची, तब महिला को अस्पताल में भर्ती कराया गया।

जानकारी के अनुसार पाली थाना के ग्राम बहेराभांठा लाफा निवासी किशुन मरावी अपनी पत्नी संतोषी मरावी 28 के चरित्र पर शंका करता है। स्कूल बंद होने के कारण संतोषी ने अपने दो बच्चों में 8 वर्षीय पुत्र सत्येंद्र को अपने मायके में नानी के पास भेज दिया था। वहीं 10 वर्षीय पुत्र साधना को साथ में रखी थी। शुक्रवार को पुत्र सत्येंद्र की तबीयत खराब होने का पता चलने पर संतोषी उसे देखने मायके जाने के लिए तैयार हो रही थी। जिसे देखकर किशुन डंडे से मारने लगा। इसके बाद संतोषी पर मिट्टी तेल छिड़ककर आग लगा दी। बेटी पहुंची तो वह मां को बचाने लग गई। तब किशुन उन दोनों को घर में बंद करके भाग गया। 2 दिन तक झुलसी हालत में महिला बेटी के साथ कमरे में बंद पड़ी थी। परिचित तिल कुंवर ने जब 2 दिन तक संतोषी को नहीं देखा तो उसके घर पहुंची तो मामले की जानकारी हुई। पुलिस ने आरोपी पति किशुन के खिलाफ  हत्या के प्रयास का केस दर्ज कर लिया है।

घायल संतोषी ने बताया कि शंका की वजह से पति किशुन ने उसे जान से मारने के लिए जलाया। बेटी बचाने पहुंची तो उसपर भी रहम नहीं आया। वह दोनों को घर में बंद करके भाग गया। घर में न तो खाने के लिए राशन था और न ही किसी को सूचना देने या मदद मांगने के लिए साधन। आग से शरीर में कई जगह जलने से वह चलने-फिरने में सक्षम नहीं थी। ऐसे में उसकी बेटी साधना और वह लाल चाय पी.पीकर जिंदा रहे।


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