नेपाल-तिब्बत सीमा की बाढ़ में भाजपा नेता की बेटी समेत छत्तीसगढ़ की तीन महिलाएं लापता    |    बहनों का स्नेह और आशीर्वाद मेरे लिए अनमोल : मुख्यमंत्री साय    |    लोकतंत्र सेनानियों का त्याग नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा है : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय    |    BREAKING : बंगाल का नया CM- शुभेंदु अधिकारी होंगे प. बंगाल के नए सीएम- अमित शाह ने किया सीएम का एलान    |    BREAKING NEWS : देखिए लाल किले के पास हुए बम धमाके की खौफनाक तस्वीरें, 8 लोगों की मौत    |    Breaking : 1 नवंबर को सभी स्कूल – कॉलेजों में रहेगी छुट्टी, आदेश जारी    |    BIG BREAKING : सी.पी. राधाकृष्णन होंगे भारत के नए उपराष्ट्रपति    |    साय कैबिनेट की बैठक खत्म, लिए गए कई अहम निर्णय    |    CG Accident : अनियंत्रित होकर पेड़ से टकराई तेज रफ्तार कार, युवक-युवती की मौके पर ही मौत, 3 की हालत गंभीर    |    Corona Update : छत्तीसगढ़ में फिर डराने लगा कोरोना, इस जिले में एक ही दिन में मिले इतने पॉजिटिव मरीज    |

रमन सिंह में साहस है तो अपना और परिवार के सदस्यों का खाता सार्वजनिक करें, जिसमें न्याय-धान खरीद का पैसा आया- मोहन मरकाम

रमन सिंह में साहस है तो अपना और परिवार के सदस्यों का खाता सार्वजनिक करें, जिसमें न्याय-धान खरीद का पैसा आया- मोहन मरकाम
Share

रायपुर। छत्तीसगढ़ कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा है कि पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह अपनी खोई हुई ताकत और जमीन को हासिल करने की लचर कोशिश कर रहे हैं। छत्तीसगढ़ की भूपेश बघेल सरकार उनकी 15 साल की नाकामियों से राज्य को उबारने की कोशिश कर रही है, तो यह गरीब व किसान विरोधी रमन सिंह और भाजपाइयों को रास नहीं आ रही है। वे लगातार जनता को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं। पूर्व मुख्यमंत्री को यह बताना चाहिए कि राज्य की जिन कृषि योजनाओं का वे विरोध कर रहे हैं, उससे उन्हें खुद और उनके परिवार के लोगों को कितना लाभ हुआ है ? डॉ रमन सिंह में साहस है तो वे अपने और परिवार के सदस्यों का खाता सार्वजनिक करें, जिसमें न्याय योजना और धान खरीदी का पैसा पहुंचा है। रमन सिंह को खुद यह चुनौती को स्वीकार करनी चाहिए।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा कि डॉ रमन सिंह और उनकी पार्टी भाजपा का किसान विरोधी चेहरा सामने आ गया है। सिंघु बार्डर में पिछले 50 दिनों से कड़कड़ाती सर्दी में लाखों किसान डटे हुए हैं और भाजपा की केन्द्र सरकार तीनों काले कानूनों को अमल में लाने के लिए षडयंत्र कर रही है। दूसरी तरफ छत्तीसगढ़ के मुखिया भूपेश बघेल सरकार बनने के पहले घंटे से किसानों की चिंता कर रहे हैं। उनके हर दिन की शुरुआत किसानों की चिंता से शुरु होती है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने शपथ लेने के एक घंटे के भीतर किसानों और गांव की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए जो फैसले लिए हैं, उसका असर दिखने लगा है। रमन सिंह ने राज्य की आर्थिक और सामाजिक बुनियाद को खोखला कर दिया था। ये तमाम नाकामियां रमन सिंह के खाते में दर्ज हैं। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल वहां से राज्य को उबारने की कोशिश कर रहे हैं, तो वे जनता को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं। कांग्रेस ने कहा है कि रमन सिंह शक्ति-क्षीण नेता हो गए हैं, अन्यथा वे हौसले के साथ देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से सवाल करते कि छत्तीसगढ़ के साथ बारदाना देने में सौतेला व्यवहार क्यों? छत्तीसगढ़ में किसानों को बोनस देने में अड़ंगे क्यों लगाए जा रहे हैं?
 



Share

Leave a Reply