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शिक्षक नहीं तो स्कूल नहीं, पालकों ने शाला में जड़ा ताला, युक्तियुक्तकरण पर उठाए सवाल

शिक्षक नहीं तो स्कूल नहीं, पालकों ने शाला में जड़ा ताला, युक्तियुक्तकरण पर उठाए सवाल
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 धमतरी :  नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत के साथ ही जिले में स्कूलों में शिक्षकों की कमी एक बार फिर बड़ा मुद्दा बन गई है। वनांचल क्षेत्र स्थित नगरी प्रायोगिक शाला (अंग्रेजी माध्यम) में शिक्षकों की भारी कमी से नाराज़ पालकों ने स्कूल गेट पर ताला जड़ दिया। इससे पहले भी जिले के कई स्कूलों में ऐसी ही तालाबंदी की घटनाएं सामने आ चुकी हैं।

शिक्षकों की भारी कमी से नाराज़गी, युक्तियुक्तकरण पर सवाल

शाला में 125 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं, लेकिन मात्र चार शिक्षक उनकी पढ़ाई का जिम्मा संभाल रहे थे। इनमें से भी दो शिक्षक हाल ही में वापस मूल शाला भेज दिए गए, जिससे अब स्कूल में केवल दो शिक्षक ही शेष रह गए हैं।

शिक्षा विभाग द्वारा युक्तियुक्तकरण के तहत शिक्षकों की पर्याप्त उपलब्धता का दावा किया गया था, मगर जमीनी हकीकत इससे उलट नजर आ रही है।

पालकों का दो टूक: जब तक शिक्षक नहीं, तब तक स्कूल नहीं खुलेगा

नाराज़ पालकों ने साफ कहा कि बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जब तक स्कूल में पर्याप्त शिक्षक नियुक्त नहीं होते, वे तालाबंदी खत्म नहीं करेंगे।

सूचना मिलने पर शिक्षा विभाग के बीआरसी (ब्लॉक रिसोर्स कोऑर्डिनेटर) मौके पर पहुंचे और पालकों को समझाने की कोशिश की, लेकिन पालक अपनी मांगों पर अडिग हैं।

यह घटना एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर रही है कि क्या शिक्षा विभाग युक्तियुक्तकरण के बाद भी ज़मीनी जरूरतों को पूरा कर पा रहा है? अब देखना होगा कि विभाग इस संकट का समाधान कब और कैसे करता है।



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