CG : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में जशपुर में सिंचाई सुविधाओं का विस्तार, किसानों को मिलेगी बड़ी सौगात    |    नेपाल-तिब्बत सीमा की बाढ़ में भाजपा नेता की बेटी समेत छत्तीसगढ़ की तीन महिलाएं लापता    |    बहनों का स्नेह और आशीर्वाद मेरे लिए अनमोल : मुख्यमंत्री साय    |    लोकतंत्र सेनानियों का त्याग नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा है : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय    |    BREAKING : बंगाल का नया CM- शुभेंदु अधिकारी होंगे प. बंगाल के नए सीएम- अमित शाह ने किया सीएम का एलान    |    BREAKING NEWS : देखिए लाल किले के पास हुए बम धमाके की खौफनाक तस्वीरें, 8 लोगों की मौत    |    Breaking : 1 नवंबर को सभी स्कूल – कॉलेजों में रहेगी छुट्टी, आदेश जारी    |    BIG BREAKING : सी.पी. राधाकृष्णन होंगे भारत के नए उपराष्ट्रपति    |    साय कैबिनेट की बैठक खत्म, लिए गए कई अहम निर्णय    |    CG Accident : अनियंत्रित होकर पेड़ से टकराई तेज रफ्तार कार, युवक-युवती की मौके पर ही मौत, 3 की हालत गंभीर    |

BIG BREAKING : महिला सहायक अभियंता से हुई बदसलूकी मामले पर जांच का जिम्मा आईजी डांगी को, पढ़ें पूरी खबर

BIG BREAKING : महिला सहायक अभियंता से हुई बदसलूकी मामले पर जांच का जिम्मा आईजी डांगी को, पढ़ें पूरी खबर
Share

बिलासपुर | छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में 15 अगस्त को महिला सहायक अभियंता सोनल जैन से मारपीट और प्रताड़ना के मामले में अब रायगढ़ एसपी की मुश्किलें बढ़ती जा रही है, एसपी रायगढ़ के विरुद्ध जांच के 3 आदेश बिलासपुर आईजी रतन लाल डांगी को डीजीपी डीएम अवस्थी, राज्य मानव अधिकार आयोग और राज्य के गृह मंत्रालय से जांच प्रतिवेदन भेजने के निर्देश मिले हैं, जिसमें तत्कालीन रायगढ़ एसपी संतोष सिंह के खिलाफ महिला अधिकारी सोनल जैन अपने साथ हुए हादसे के वक्त से ही मुखर हैं।

पढ़ें : हॉस्टल के 190 छात्र निकले कोरोना पॉजिटिव, स्कूल प्रशासन में मचा हड़कंप 

उल्लेखनीय है कि रायगढ़ विधायक के प्रतिनिधि अरुण शर्मा राजनैतिक पकड़ की धौंस दिखाकर महिला सहायक अभियंता सोनल जैन से असंवैधानिक कार्य करने दबाव बनाता था और महिला अधिकारी से अश्लील हरकत करते हुए डयूटी के दौरान जनपद कार्यालय बरमकेला पहुंचकर बदसलूकी करता था, जिसकी शिकायत महिला अधिकारी ने उच्चाधिकारियों सहित पुलिस थाना में लिखित में दर्ज कराई थी, जिस पर विधायक प्रतिनिधि अरुण शर्मा के विरुद्ध पहले तो मामला दर्ज करने में आनाकानी किया जाता रहा।

पढ़ें : बड़ी खबर: नदी में प्रेमी और प्रेमिका की लाश मिलने से फैली सनसनी

बाद में महिला अधिकारी के पत्राचार और मामला मीडिया में आने के बाद अरुण शर्मा के विरुद्ध छेड़छाड़ का मामला तो दर्ज कर लिया गया, लेकिन मामले को राजनैतिक रंगत देते हुए महिला अधिकारी को एसटीएससी एक्ट के प्रकरण में फंसने का षड्यंत्र किया जाने लगा।


जब अरुण शर्मा के विरुद्ध दर्ज छेड़छाड़ के मामले में पीड़िता महिला अधिकारी को धारा-164 के तहत बयान के लिए न्यायालय में उपस्थित होने के लिए नोटिस जारी किया गया तो अरुण शर्मा के गुर्गों ने महिला अधिकारी को न्यायालय में उपस्थित होने से रोकने, गाली-गलौच और मारपीट की, जिसकी शिकायत को लेकर आरोपी अरुण शर्मा की गिरफ्तारी की मांग करने और अपनी सुरक्षा की गुहार लगाने के लिए महिला अधिकारी सोनल जैन 15 अगस्त 2020 को स्वतंत्रता दिवस समारोह में शामिल बतौर मुख्यतिथि संसदीय सचिव श्रीमति रश्मि सिंह से मुलाकात कर ज्ञापन सौपने पहुंची थी।


जैसे ही अरूण शर्मा रायगढ़ पुलिस कप्तान संतोष सिंह और रायगढ़ विधायक प्रकाश नायक को इसकी भनक लगी तो महिला सब इंजीनियर सोनल जैन की उपस्थिति रायगढ़ एसपी को नागवार गूजरी। उन्होंने तत्काल चक्रधरनगर थाना प्रभारी विवेक पाटले को मौखिक निर्देश देते हुए उक्त महिला इंजीनियर को पंद्रह अगस्त आजादी के दिन तत्काल गिरफ्तार करते हुए हिरासत में लेने निर्देश, जिस पर मौके पर उपस्थित तत्कालीन नायब तहसीलदार एवं चक्रधर नगर थाना प्रभारी विवेक पाटले ने अपने मातहत कर्मचारियों के साथ मिलकर महिला सब इंजीनियर सोनल जैन को तत्काल हिरासत में लेकर मारपीट करते हुए कार्यक्रम स्थल मिनी स्टेडियम रायगढ़ से चक्रधर नगर थाना ले गए जहां लॉकअप में खूब मारपीट किया गया। महिला उप अभियंता सोनल जैन ने अपने शिकायत में इसका उल्लेख किया है।


सोनल जैन ने उक्त मामले की शिकायत गृह मंत्रालय एवं मानव अधिकार आयोग में किया, जिस शिकायत पर जांच प्रतिवेदन का जिम्मा अब रेंज बिलासपुर संभाग आईजी रतन लाल डांगी को सौपा गया है। अब आने वाले समय में देखना होगा कि महिला अपराध के प्रति गम्भीरता के दावे कर चुके बिलासपुर आईजी क्या पुलिस विभाग के एसपी सहित जिम्मेदार पदों पर बैठे अधिकारियों पर लगे गम्भीर मामले में निष्पक्ष जांच कर अपने ही विभाग के आईपीएस अधिकारी पर कार्रवाई कर पाते हैं या फिर ऊंची रसूख एवं पहुंच का लाभ देकर महिला सहायक अभियंता के मामले में सिर्फ लीपापोती की जाती है। फिलहाल लगातार रायगढ़ पुलिस कप्तान के विरुद्ध कार्रवाई के लिए बिलासपुर आईजी को 3 पत्र मिलने से पुलिस कप्तान रायगढ़ संतोष सिंह की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही है। वहीं महिला अपराध पर गम्भीरता से मामला दर्ज करने का फरमान जारी करने वाले आईजी बिलासपुर के लिए उनके ही विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों के उक्त गैर जिम्मेदाराना हरकत से फिर एकबार खाखी पर दाग लगा है। अब इस मामले पर क्या कार्रवाई होती है इसपर सभी की निगाहें टिकी हुई है।



Share

Leave a Reply