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बाल संप्रेषण गृह में अधिकारी ने अपचारी के साथ बनाए अप्राकृतिक संबंध

बाल संप्रेषण गृह में अधिकारी ने अपचारी के साथ बनाए अप्राकृतिक संबंध
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 दुर्ग। जिले के पुलगांव स्थित बाल संप्रेषण गृह से एक बड़ा मामला निकलकर सामने आया है। बाल संप्रेषण गृह में पदस्थ परिवीक्षा अधिकारी रामकुमार सूर्यवंशी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। परिवीक्षा अधिकारी पर आरोप है कि उसेन एक अपचारी से अप्राकृतिक संबंध बनाए हैं। अधिकारी पर पाॅक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है।

जानें पूरा मामला

प्राप्त जानकारी के अनुसार, पीड़ित बालक हत्या के एक मामले में पिछले 35 महीनों से बाल संप्रेषण गृह में बंद है। वह दूसरे जिले का निवासी है। बीते सप्ताह जब न्यायालय की टीम निरीक्षण के लिए संप्रेषण गृह पहुंची, तब बालक ने टीम को अपनी आपबीती सुनाई।

पीड़ित ने बयान

पीड़ित अपचारी बालक ने बताया कि अधिकारी रामकुमार सूर्यवंशी ने उसे उसके भाई से मिलाने का झांसा देकर यौन शोषण किया है। इस गंभीर आरोप के सामने आने के बाद न्यायालय की टीम ने तत्काल इसकी सूचना दुर्ग पुलिस को दी।

मामले में पुलिस की कार्रवाई

सूचना मिलते ही दुर्ग पुलिस ने पॉक्सो एक्ट और अन्य संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया और रामकुमार सूर्यवंशी को हिरासत में लेकर कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने आरोपी को न्यायिक हिरासत में लेकर जेल भेज दिया है।

प्रशासन में मचा हड़कंप

घटना के सामने आने के बाद जिला प्रशासन और बाल संरक्षण तंत्र में हड़कंप मच गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच में तेजी लाई जा रही है। बाल संप्रेषण गृह की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था पर भी बड़े सवाल उठ खड़े हुए हैं।

मामला बेहद संवेदनशील है और बाल अधिकारों से जुड़ा हुआ है। सभी पक्षों की गहन जांच के बाद ही अंतिम निष्कर्ष पर पहुंचा जा सकेगा। पुलिस और न्यायालय की कार्रवाई जारी है।



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