18+ के वैक्सीनेशन के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के बजाय प्रदेश सरकार ऑनलाइन शराब बेचने में मशगूल : भाजपा
रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष विक्रम उसेंडी और प्रदेश प्रवक्ता व पूर्व मंत्री राजेश मूणत ने वैक्सीनेशन के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन नहीं कराए जाने और शराब की होम डिलीवरी के लिए ऑनलाइन बुकिंग की नीति पर जमकर निशाना साधा है। उसेंडी और मूणत ने हाई कोर्ट के फैसले के बाद भी प्रदेश सरकार वैक्सीनेशन के काम में ढिलाई बरत रही है, जिससे काफी संख्या में लोग बिना टीका लगवाए टीकाकरण केंद्रों से निराश लौटने को मज़बूर हो रहे हैं। भाजपा नेताद्वय ने अपने संयुक्त बयान में वैक्सीनेशन के लिए हाई कोर्ट के आदेशानुसार ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन शुरू करने की मांग की है।
भाजपा पूर्व प्रदेश अध्यक्ष उसेंडी ने बस्तर संभाग के लोगों से हुई चर्चा का ब्योरा देते हुए कहा कि प्रदेश सरकार ने दूध, अख़बार, दैनिक ज़रूरत की चीजों के लिए समय निर्धारित कर रखा है, अब शराब की ऑनलाइन बुकिंग के लिए समय तय कर दिया है। उसेंडी ने कहा कि एक तरफ प्रदेश सरकार ने यह कहकर कि अंत्योदय राशनकार्डधारक के पास तकनीकी सुविधा नहीं होने के कारण वे ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन नहीं करा पा रहे हैं, इसलिए वैक्सीनेशन में आरक्षण लागू किया था, तो सरकार को यह बताना चाहिए कि जिस स्प्रिट या ज़हरीली शराब पीने हुई मौतों का हवाला देकर ऑनलाइन बुकिंग कराके शराब की होम डिलीवरी की जा रही है, वह स्प्रिट उन्होंने कैसे हासिल की? उसेंडी ने कटाक्ष कर कहा कि प्रदेश सरकार ख़ुद कन्फ़्यूज़न में दोमुँही बातें कर रही है और वैक्सीनेशन के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन से बचने की बदनीयती का प्रदर्शन कर रही है। उसेंडी ने इस बात पर अफ़सोस जताया कि प्रदेशभर में अब भी वैक्सीनेशन का काम बहुत धीमी गति से चल रहा है और बस्तर संभाग के कई युवाओं को वैक्सीन का टीका नहीं लगाया जा रहा है जबकि अंत्योदय कार्डधारकों के टीकाकरण के बाद काफी वैक्सीन बच रही है, और प्रशासनिक अमला उसे वापस ला रहा है। उसेंडी ने प्रदेश सरकार ने कोरोना संक्रमण की इस दूसरी भयावह लहर में भी वैक्सीनेशन के प्रति बरती जा रही इस उदासीनता को निंदनीय बताते हुए कहा कि प्रदेश को आज दवा की ज़रूरत है और प्रदेश सरकार दारू बेचने में फिर मशगूल हो गई है।
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता व पूर्व मंत्री मूणत ने भी राजधानी के टीकाकरण केंद्रों में वैक्सीनेशन के काम को लेकर गहरा असंतोष जताया और कहा कि 18-44 वर्ष आयुसीमा के लोगों के लिए सरकार के पास वैक्सीन होने के बाद भी रोजाना गिनती के लोगों को टीका लगाया जा रहा है। मूणत ने बताया कि रोज तड़के सुबह से लोग अपने वैक्सीनेशन के लिए लाइन लगाकर खड़े हो रहे हैं और उनमें से अधिकांश लोग बिना टीकाकरण के वापस लौट रहे हैं। प्रदेश सरकार दारू बेचने और उसकी होम डिलीवरी के लिए ऑनलाइन बुकिंग कर सकती है, लेकिन वैक्सीनेशन के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन नहीं कर सकती। मूणत ने प्रदेश सरकार के इस रवैए को हाई कोर्ट के आदेश की अवमानना बताते हुए कहा कि प्रदेश सरकार टीकाकरण केंद्रों की संख्या के आधार साइट खोलकर रोज़ एक निर्धारित समय में वैक्सीनेशन के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराए ताकि वैक्सीन के लिए लोगों को लाइन में लगकर अपना समय जाया करने से राहत मिले और जब उनका नंबर जिस सेंटर में आए, वे वहाँ जाकर निर्धारित समय में अपना टीका लगवा सकें।




