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विधानसभा: प्रवासी मजदूरों को गृहग्राम पहुंचाने में खर्च हुए 65 करोड़ रूपए: शिव डहरिया

विधानसभा: प्रवासी मजदूरों को गृहग्राम पहुंचाने में खर्च हुए 65 करोड़ रूपए: शिव डहरिया
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रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज जनता कांग्रेस के सदस्य धर्मजीत सिंह ने प्रवासी मजदूरों को लेकर सवाल उठाया। इस पर श्रम मंत्री डॉ. शिव कुमार डहरिया ने सदन में बताया कि कोरोनाकाल के बीच प्रवासी व अप्रवासी श्रमिकों को लाने में राज्य सरकार ने 65 करोड़ रुपए खर्च किया है। श्रम मंत्री डॉ.शिव डहरिया ने विधानसभा में उक्त जानकारी देते हुए बताया कि 95 हजार से अधिक श्रमिकों को रोजगार मूलक कार्यों में लगाया गया है।
 
 
जनता कांग्रेस के सदस्य धर्मजीत सिंह के सवाल के जवाब में श्रम मंत्री ने बताया कि कोरोना संक्रमण काल में 6 लाख 37 हजार 423 प्रवासी-अप्रवासी श्रमिकों और व्यक्तियों को उनके गृह जिले में पहुंचाया गया है। उन्होंने बताया कि श्रमिकों के आवागमन-खानपान 65 करोड़ 14 लाख से अधिक की राशि खर्च की गई है। इस कार्य के लिए आईएएस अफसरों को नोडल अफसर बनाया गया था।
 
 
डॉ. डहरिया ने एक पूरक सवाल के जवाब में बताया कि बाहर से आए लोगों में एक लाख 10 हजार 523 अन्य लोग-विद्यार्थी थे। जो कि मजदूरों के साथ रेल में आए थे। 95 हजार 962 प्रवासी मजदूरों को रोजगार मूलक कार्यों में नियोजन उपलब्ध कराया गया है। उन्होंने यह भी बताया गया कि मजदूरों को फिर से अन्य प्रदेशों में शिकायत नहीं मिली है। धर्मजीत सिंह ने सुझाव दिया कि बाहर जाने वाले मजदूरों का पूरा ब्यौरा होना चाहिए। अभी फिर से उनके बाहर जाने की जानकारी मिल रही है। इस पर श्रम मंत्री ने बताया कि पंचायतों में पूरा ब्यौरा उपलब्ध रहता है।  


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