CG : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में जशपुर में सिंचाई सुविधाओं का विस्तार, किसानों को मिलेगी बड़ी सौगात    |    नेपाल-तिब्बत सीमा की बाढ़ में भाजपा नेता की बेटी समेत छत्तीसगढ़ की तीन महिलाएं लापता    |    बहनों का स्नेह और आशीर्वाद मेरे लिए अनमोल : मुख्यमंत्री साय    |    लोकतंत्र सेनानियों का त्याग नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा है : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय    |    BREAKING : बंगाल का नया CM- शुभेंदु अधिकारी होंगे प. बंगाल के नए सीएम- अमित शाह ने किया सीएम का एलान    |    BREAKING NEWS : देखिए लाल किले के पास हुए बम धमाके की खौफनाक तस्वीरें, 8 लोगों की मौत    |    Breaking : 1 नवंबर को सभी स्कूल – कॉलेजों में रहेगी छुट्टी, आदेश जारी    |    BIG BREAKING : सी.पी. राधाकृष्णन होंगे भारत के नए उपराष्ट्रपति    |    साय कैबिनेट की बैठक खत्म, लिए गए कई अहम निर्णय    |    CG Accident : अनियंत्रित होकर पेड़ से टकराई तेज रफ्तार कार, युवक-युवती की मौके पर ही मौत, 3 की हालत गंभीर    |

जशपुर जिले में 2.68 लाख से अधिक राशन कार्डधारियों को मिल रहा खाद्य सुरक्षा का लाभ

जशपुर जिले में 2.68 लाख से अधिक राशन कार्डधारियों को मिल रहा खाद्य सुरक्षा का लाभ
Share

 00 497 उचित मूल्य दुकानों में ई-पॉस मशीन के माध्यम से हो रहा राशन वितरण

रायपुर। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग द्वारा सार्वजनिक वितरण प्रणाली के माध्यम से प्रदेश के जरूरतमंद नागरिकों को खाद्य सुरक्षा उपलब्ध कराने तथा किसानों को समर्थन मूल्य सुनिश्चित करने के उद्देश्य से विभिन्न योजनाओं का प्रभावी संचालन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में जशपुर जिले में इन योजनाओं का सफलतापूर्वक क्रियान्वयन किया जा रहा है। जिले में वर्तमान में 497 उचित मूल्य दुकानें संचालित हैं, जहां ई-पॉस मशीनों के माध्यम से आधार आधारित खाद्यान्न वितरण किया जा रहा है। राशन कार्ड से लिंक आधार संख्या के आधार पर पात्र हितग्राहियों को पारदर्शी एवं सुगम तरीके से राशन उपलब्ध कराया जा रहा है।

जिला खाद्य अधिकारी ने बताया कि जशपुर जिले में कुल 2 लाख 68 हजार 108 राशन कार्डधारी हितग्राही खाद्य सुरक्षा योजनाओं का लाभ प्राप्त कर रहे हैं। इनमें 2 लाख 51 हजार 358 बीपीएल तथा 16 हजार 780 एपीएल श्रेणी के हितग्राही शामिल हैं। प्रदेश में राशन कार्ड की श्रेणी के अनुसार हितग्राहियों को प्रतिमाह 10 किलोग्राम से 35 किलोग्राम तक चावल प्रदान किया जाता है। वहीं आदिवासी बहुल क्षेत्रों में अंत्योदय श्रेणी के हितग्राहियों को चावल के साथ प्रति माह 2 किलोग्राम चना एवं 1 किलोग्राम शक्कर भी उपलब्ध कराई जाती है। खाद्य सुरक्षा योजनाओं के प्रभावी संचालन से जिले के हजारों परिवारों को नियमित रूप से खाद्यान्न उपलब्ध हो रहा है, जिससे उनकी खाद्य एवं पोषण सुरक्षा सुनिश्चित हो रही है।

 

 

 



Share

Leave a Reply