BREAKING NEWS : देखिए लाल किले के पास हुए बम धमाके की खौफनाक तस्वीरें, 8 लोगों की मौत    |    Breaking : 1 नवंबर को सभी स्कूल – कॉलेजों में रहेगी छुट्टी, आदेश जारी    |    BIG BREAKING : सी.पी. राधाकृष्णन होंगे भारत के नए उपराष्ट्रपति    |    साय कैबिनेट की बैठक खत्म, लिए गए कई अहम निर्णय    |    CG Accident : अनियंत्रित होकर पेड़ से टकराई तेज रफ्तार कार, युवक-युवती की मौके पर ही मौत, 3 की हालत गंभीर    |    Corona Update : छत्तीसगढ़ में फिर डराने लगा कोरोना, इस जिले में एक ही दिन में मिले इतने पॉजिटिव मरीज    |    प्रदेशवासियों को बड़ा झटका, बिजली दरों में हुई बढ़ोतरी, जाने प्रति युनिट कितने की लगेगी चपत    |    छत्तीसगढ़ में बढ़ा कोरोना का खतरा: 20 दिनों में 3 मौतों के बाद प्रशासन अलर्ट मोड पर    |    Ration Card के बदले रोजगार सहायक की Dirty Deal, बोला- ‘पहले मेरे साथ शारीरिक संबंध बनाओ फिर मिलेगा राशन कार्ड    |    छत्तीसगढ़ में तेजी से पांव पसार रहा कोरोना, रायपुर में सबसे ज्यादा केस, राज्य में कुल 45 एक्टिव केस    |

12 दिनों से 3 लोगों को बंधक बनाए रखने के बाद नक्सलियों ने छोड़ा, पढ़ें पूरी खबर

12 दिनों से 3 लोगों को बंधक बनाए रखने के बाद नक्सलियों ने छोड़ा, पढ़ें पूरी खबर
Share

बीजापुरछत्तीसगढ़ के सरगुजा संभाग के बलरामपुर जिले के सामरी थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत सरईडिह और सरहदी क्षेत्र कुकूद माइंस से 3 लोगों का अपहरण करने के बाद नक्सलियों ने 12 दिन के बाद उन्हें रिहा कर दिया।

पढ़ें : राजधानी के थाना टिकरापारा क्षेत्रांतर्गत सूने मकान में दिनदहाड़े नकबजनी करने वाले 3 आरोपियों को पुलिस ने किया गिरफ्तार 

तीनों अपहृत सकुशल अपने घर लौट आए हैं। इसे लेकर पुलिस ने बयान जारी किया है। कहा कि पुलिस के दबाव के आगे नक्सली झुक गए हैं और इसी कारण इन तीनों को रिहा किया गया।
 
 
छत्तीसगढ़ और झारखंड की सीमा पर नक्सलियों की घुसपैठ फिर से शुरू हो गई है। वहीं नक्सली अपनी पैठ जमाने के लिए हिंडालको में कार्यरत दो सिक्योरिटी गार्ड सूरज सोनी और संजय यादव और ग्राम पंचायत सरईडिह में रहने वाले एक ग्रामीण रामधनी यादव का अपहरण कर सनसनी फैला दी। हालांकि 12 दिन बाद तीनों को छोड़ दिया। 28 नवंबर को तीनों का नक्सलियों ने अपहरण किया था।
 
 
मामले की जानकारी मिलने के बाद पुलिस अधीक्षक रामकृष्ण साहू के नेतृत्व में पुलिस की टीम लगातार सीआरपीएफ की मदद से इलाके की खाक छान रही थी और सरहदी इलाकों में लगातार सर्चिंग की, लेकिन उनका पता नहीं चला। आखिरकार 12 दिन बाद तीनों को ग्रामीणों ने छोड़ दिया।
 
 
तीनों अपहरण किए हुए लोग अचानक जंगल से बाहर निकले और घर लौट आए हैं। सकुशल वापसी हो जाने के बाद उनके परिजन खुश है। वही पुलिस ने कहा कि लगातार उनके तरफ से सर्चिंग की जा रही थी और जो दबाव पड़ा था, उसी दबाव के कारण नक्सलियों ने तीनों को रिहा कर दिया है।
 
 
छत्तीसगढ़ और झारखंड की सीमा पर स्थित बूढ़ा पहाड़ को नक्सलियों का गढ़ माना जाता है और ऐसा माना जा रहा है कि इन तीनों का अपहरण करने के बाद नक्सली इन्हें अपने साथ वही ले गए थे और लगातार 12 दिनों तक उन्हें वहीं रखा गया था, नक्सली इन तीनों का अपहरण करने के लिए आए थे, वह हथियारों से लैस थे और उनके पास आधुनिक हथियार थे। हालांकि पुलिस इस बात की पुष्टि नहीं कर रही है।
 


Share

Leave a Reply