CG : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में जशपुर में सिंचाई सुविधाओं का विस्तार, किसानों को मिलेगी बड़ी सौगात    |    नेपाल-तिब्बत सीमा की बाढ़ में भाजपा नेता की बेटी समेत छत्तीसगढ़ की तीन महिलाएं लापता    |    बहनों का स्नेह और आशीर्वाद मेरे लिए अनमोल : मुख्यमंत्री साय    |    लोकतंत्र सेनानियों का त्याग नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा है : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय    |    BREAKING : बंगाल का नया CM- शुभेंदु अधिकारी होंगे प. बंगाल के नए सीएम- अमित शाह ने किया सीएम का एलान    |    BREAKING NEWS : देखिए लाल किले के पास हुए बम धमाके की खौफनाक तस्वीरें, 8 लोगों की मौत    |    Breaking : 1 नवंबर को सभी स्कूल – कॉलेजों में रहेगी छुट्टी, आदेश जारी    |    BIG BREAKING : सी.पी. राधाकृष्णन होंगे भारत के नए उपराष्ट्रपति    |    साय कैबिनेट की बैठक खत्म, लिए गए कई अहम निर्णय    |    CG Accident : अनियंत्रित होकर पेड़ से टकराई तेज रफ्तार कार, युवक-युवती की मौके पर ही मौत, 3 की हालत गंभीर    |

नया शिक्षा सत्र शुरू — छत्तीसगढ़ में आज से शुरू हुआ नया शिक्षा सत्र, शाला प्रवेश उत्सव

नया शिक्षा सत्र शुरू — छत्तीसगढ़ में आज से शुरू हुआ नया शिक्षा सत्र, शाला प्रवेश उत्सव
Share

 स्कूलों में बच्चों का जोरदार स्वागत, कहीं तिलक तो कहीं फूल माला से किया गया अभिनंदन

 सरकारी स्कूलों में प्रवेश लेने वाले बच्चों को मिलेगा नि:शुल्क किताबें, यूनिफॉर्म और मिड डे मील

रायपुर : छत्तीसगढ़ में आज 16 जून से नया शिक्षा सत्र 2025-26 की शुरुआत हो गई है। इस मौके पर राज्य भर के सरकारी और निजी स्कूलों में ‘शाला प्रवेश उत्सव’ बड़े उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। कई स्कूलों में बच्चों का पारंपरिक तरीके से स्वागत किया गया। कहीं तिलक लगाकर तो कहीं मिठाई और फूल माला पहनाकर बच्चों की अगवानी हुई।

शाला प्रवेश उत्सव के तहत इस बार खास तैयारी की गई है। स्कूलों को साफ-सफाई कर सजाया गया है। स्कूलों में पहली बार आने वाले बच्चों को गुलाब का फूल और चॉकलेट दी गई। सरकारी स्कूलों में प्रवेश लेने वाले बच्चों को नि:शुल्क किताबें, यूनिफॉर्म और मिड डे मील भी मिलेगा।

शिक्षा विभाग ने बताया कि इस वर्ष राज्य भर में करीब 20 लाख बच्चों के स्कूल आने की उम्मीद है। कई जगह जनप्रतिनिधि और शिक्षा विभाग के अफसर भी बच्चों के स्वागत के लिए पहुंचे।

स्कूलों में सुरक्षा और स्वास्थ्य संबंधी गाइडलाइन का पालन भी अनिवार्य किया गया है। शिक्षकों को बच्चों की मानसिक स्थिति समझने और पढ़ाई के लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए गए हैं।



Share

Leave a Reply